आतंकवादियों का समर्थन बंद करने पर ही पाकिस्तान से होगी शांति वार्ता: सेना प्रमुख

नई दिल्ली (23 दिसंबर): भारत के सेनाध्यक्ष जनरल बिपिन रावत ने शुक्रवार को सीमा के निकट से पाकिस्तानी सेनाध्यक्ष की ओर से भारत के साथ संबंध सुधारने के बयान पर करारा जवाब दिया है। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान को पहले आतंकियों को दिए जा रहे समर्थन को रोकना होगा। उसके पश्चात ही शांति वार्ता की जा सकती है। उन्होंने कहा कि हम भी चाहते है कि सीमा पर शांति हो, लेकिन इसकी वास्तविक पहल पाकिस्तान को ही करनी होगी। जनरल रावत सीमा क्षेत्र में सेना के युद्धाभ्यास को देखने आए हुए थे।

बता दें कि, जनरल रावत भारत पाक-सीमा के करीब थार रेगिस्तान में दक्षिणी कमान द्वारा आयोजित 'हमेशा विजयी' अभ्यास को देखने के लिए पहुंचे थे। बाड़मेर में संवाददाताओं से बात करते हुए उन्होंने कहा, हम चाहते हैं कि दोनों देशों के बीच रिश्ते मधुर हों लेकिन जिस तरह से पाकिस्तान की तरफ से जम्मू कश्मीर में आतंकवाद को बढ़ावा दिया जा रहा है इससे बिल्कुल भी नहीं लगता है कि उन्हें वास्तव में शांति वार्ता चाहिए। जनरल रावत ने कहा कि सेना, अर्द्धसैनिक बलों और जम्मू-कश्मीर पुलिस जम्मू-कश्मीर में आतंकवादियों के खिलाफ सफलतापूर्वक कार्रवाई कर रही है और ये कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।

आपको बता दें कि, भारत पाक संबंधों पर विदेश मामलों के प्रवक्ता रवीश कुमार के बयान के एक दिन बाद सेना प्रमुख का यह बयान आया है। रवीश कुमार ने कहा था कि "भारत पाकिस्तान के साथ अच्छे संबंध चाहता है। पाकिस्तान को हमारी चिंता समझनी होगी जो है आतंकवाद। हमने उनसे पाकिस्तान की जमीं से फैल रहे आतंकवाद के खिलाफ कार्रवाई करने को कहा। अगर वे हमारी दोस्ती को आगे बढ़ाना चाहते हैं तो उन्हें इस दिशा में कदम उठाना होगा।" पाकिस्तान के सेना प्रमुख जनरल कमर जावेद बाजवा ने बेहतर संबंधों के लिए रवीश कुमार का समर्थन भी किया। मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, बाजवा ने कहा कि वह बातचीत के माध्यम से भारत के साथ मुद्दों को सुलझाने के लिए हर पहल का समर्थन करेंगे।