नेत्र दिव्यांगोें के लिए खुशखबरी...कृत्रिम आखों से देखेंगे दुनिया


नई दिल्ली (23 दिसंबर): नेत्र दिव्यांगों  के लिए एक अच्छी खबर है। ब्रिटेन की राष्ट्रीय स्वास्थ्य सेवा ने 'आर्गुस-2 सिस्टम' नाम की बायोनिक आंख के प्रयोग की मंजूरी दे दी है। कैमरे और चिप से लैस इस आंख के जरिए दृष्टिहीन भी दुनिया देख सकेंगे।'डेली मेल' के मुताबिक 'आर्गुस-2 सिस्टम' के तहत दृष्टिहीनों के रेटिना के पिछले हिस्से में एक चिप लगाई जाएगी। यह चिप एक छोटे कंप्यूटर प्रोसेसर से जुड़ी होगी, जो खास कैमरे से लैस चश्मे के जरिए आंखों के सामने के दृश्य के वीडियो रिकॉर्ड करता जाएगा। साथ ही उन्हें इलेक्ट्रिक सिग्नल में तब्दील कर चिप तक पहुंचाएगा। 


अखबार की मानें तो चिप में दो इलेक्ट्रोड लगे होंगे, जो रेटिना में मौजूद कोशिकाओं को सक्रिय कर संबंधित दृश्यों का चित्र उकेरने और उसे मस्तिष्क के पास भेजने में मदद करेंगे। इससे व्यक्ति आंखों के सामने मौजूद लोगों और वस्तुओं के बारे में अंदाजा लगा पाएगा। रॉयल मैनचेस्टर हॉस्पिटल के विशेषज्ञों ने दावा किया कि 'आर्गुस-2 सिस्टम' रेटिनाइटिस पिग्मेंटोसा से पीड़ित मरीजों के लिए वरदान साबित होगा। इस बीमारी में रेटिना की प्रकाश ग्रहण कर आंखों के सामने के दृश्यों को भांपने की क्षमता कुंद पड़ जाती है।