अब बायलॉजिकल पिता के नाम के बिना बनेगा पासपोर्ट

नई दिल्ली (27 जनवरी): पासपोर्ट के लिए अप्लाई करते समय फार्म में अब जैविक पिता (बायलॉजिकल फादर) का नाम लिखना जरूरी नहीं होगा बल्कि सौतेले पिता का नाम देने पर भी पासपोर्ट मिल जाएगा। दिल्ली हाईकोर्ट ने एक महिला की याचिका पर मामले की सुनवाई करते हुए यह आदेश जारी किया है।

दरअसल, एक महिला ने पासपोर्ट बनवाना चाहा। अप्लाई फॉर्म एवं अन्य डॉक्यूमेंट में उसने अपने सौतेले पिता का नाम लिखा था, जबकि बर्थ सर्टिफिकेट में जैविक पिता का नाम था। इस पर पासपोर्ट अथॉरिटी ने उसे पासपोर्ट देने से मना कर दिया। निराश महिला ने अंत में कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। हाईकोर्ट ने महिला के पक्ष में फैसला सुनाते हुए चार हफ्ते के भीतर सौतेले पिता के नाम के साथ ही महिला को पासपोर्ट जारी करने को कहा।

सुप्रीम कोर्ट के कई फैसलों का हवाला देते हुए कहा, 'बायलॉजिकल फादर ने महिला के पालन-पोषण में कोई जिम्मेदारी नहीं निभाई है, ऐसे में अगर महिला की मां नए परिवार को कानूनी तौर पर शामिल करना चाहती है तो उसे रोका नहीं जा सकता।' उन्होंने कहा कि केवल बायलॉजिकल रिलेशन होने से माता-पिता का अधिकार नहीं दिया जा सकता।