'फ्रेश' होने के लिए ट्रेन ड्राईवर्स को नहीं पड़ेगा इंतज़ार, इंजन के साथ होगी ये व्यवस्था

नई दिल्ली (9 मई): रेल मंत्री सुरेश प्रभु न केवल यात्रियों पर ही मेहरबान रहते हैं वो रेल कर्मियों पर भी दया दृष्टि करने लगे हैं। प्रभु की पहल का नतीज़ा है कि आजादी के 68 साल बाद भारतीय रेल को दौड़ाने वाले यानी इंजन ड्राइवर्स को 'फ्रेश' होने के लिए किसी स्टॉपिज या हॉल्ट का इंतजार नहीं करना पड़ेगा। अब इंजन के साथ ही टॉइलेट भी लगा होगा। ये सभी टॉइलेट जैविक टॉइलेट होंगे।

अभी तक इंजन ड्राइवरों के लिए रिफ्रेशमेंट ब्रेक भी नहीं होता है। हालांकि रिफ्रेशमेंट ब्रेक अब भी नहीं है। लंबी दूरी की ट्रेंस में लोको पायलटों को बेहद दिक्कतों का सामना करना पड़ता था। इसी को देखते हुए रेल मंत्री सुरेश प्रभु ने ट्रेन इंजन में जैविक टॉइलेट लगाये जाने की घोषणा की।

जैविक टॉइलेट में कई फीचर्स और सेंसर्स होंगे। टॉइलेट के दरवाजे तभी खुलेंगे जब ट्रेन की स्पीड जीरो होगी यानी लोको पायलट तब तक टॉइलेट इस्तेमाल नहीं कर पायेंगे जब ट्रेन चल रही होगी। साथ ही जब टॉइलेट में लोको पायलट होगा तो ब्रेक खुलेंगे नहीं।