भारतीयों के लिए खुशखबरी! बड़ी राहत देगा अमेरिका का ये नया नियम

वॉशिंगटन (27 मई): अमेरिका के H-1B वीजा नियमों से परेशान होने वाले भारतीयों को थोड़ी राहत मिली है। अब अमेरिका से पीएचडी करने वाले विदेशी नागरिकों को H-1B वीजा नियमों से छूट दिए जाने की वकालत करने वाले एक विधेयक को संसद में फिर से पेश किया गया है।

इस विधेयक के अनुसार सायेंस (विज्ञान), टेक्नॉलजी (प्रौद्योगिकी), इंजिनियरिंग (अभियांत्रिकी) या मैथमैटिक्स (गणित) में अमेरिका से पीएचडी करने वाले विदेशी मूल के नागरिकों पर अमेरिका में रोजगार आधारित ग्रीन कार्ड और H-1B वीजा संबंधी शर्तें लागू नहीं होनी चाहिए। ये वीजा सालाना आधार पर जारी किए जाते हैं।

सांसद एरिक पॉलसन एवं माइक क्विगले ने द स्टॉपिंग ट्रेंड इन अमेरिका पीएचडी फ्रॉम लीविंग द इकॉनमी (स्टैपल) ऐक्ट हाउस रेप्रजेंटेटिव में पेश किया। यह विधेयक भारतीयों के लिए फायदेमंद हो सकता है क्योंकि अमेरिका में पीएचडी करने वाले विद्यार्थियों में भारतीयों की संख्या काफी अधिक होती है।

सांसद एरिक पॉलसन ने कहा, 'अमेरिका में अडवांस्ड डिग्रियां लेने के लिए दुनियाभर की बेहतरीन प्रतिभाओं का आना कोई नई बात नहीं है। हमें यह सुनिश्चित करने की हर वह कोशिश करनी चाहिए कि हमने जिन स्टूडेंट्स को यहां पढ़ाया और ट्रेंड किया, उनका इस्तेमाल अमेरिकी अर्थव्यवस्था में योगदान के लिए हो।' उन्होंने आगे कहा, 'चूंकि हजारों उच्च कौशल वाले पद खाली पड़े हैं, स्टैपल ऐक्ट में यह सुनिश्चित किया गया है कि अमेरिकी कंपनियों को जरूरत के मुताबिक प्रतिभा उपलब्ध हो। उनकी डिप्लोमा डिग्री के साथ ग्रीन कार्ड या वीजा नत्थी कर देने से ये प्रफेशनल्स नए-नए आविष्कार कर सकते हैं जो हमारी इकॉनमी को बढ़ा सकते हैं।'

इस संबंध में सांसद क्विगले ने कहा कि अगर अमेरिका इनोवेशन को बढ़ावा देने, आर्थिक गतिविधियों को तेज करने और वैश्विक बाजार में मजबूत प्रतिस्पर्धी बने रहने के प्रति गंभीर है तो हमें दुनियाभर के बेहतरीन प्रतिभाओं को यहां पढ़ने, काम करने और हमारे समाज में रचने-बसने की इजाजत देनी होगी। उन्होंने कहा, 'हम अपनी टेक्नॉलजी या रिसर्च को आगे नहीं बढ़ा सकते, अगर हम विदेश में जन्मे, लेकिन अमेरिका में पढ़कर अडवांस्ड डिग्री लेने वालों को भगाते रहेंगे।' गौरतलब है कि अमेरिका में डॉनल्ड ट्रंप की नई सरकार वीजा संबंधी नियमों को कड़ा करने के लिए लगातार कदम उठा रही है।