यूपी के बिजनौर में गांव छोड़ने को मजबूर हिंदू परिवार

कमरुदीनी फारुकी, बिजनौर (10 मई): दो साल पहले कैराना में पलायन का मुद्दा गर्माया था। अब पलायन की तस्वीर बिजनौर से आई है, विवाद लाउडस्पीकर का है। हालांकि पुलिस कह रही है कि ऐसा कोई विवाद नहीं है, लेकिन हकीकत पुलिस के दावों से अगल है।कोई अपने सामने को ट्रॉली में रख रहा है तो कोई गांव छोड़ कर ही जा रहा है। योगी के यूपी के बिजनौर में हिंदू आबादी के लोग पलायन कर रहे हैं। आरोप है कि पुलिस ने उनपर एकतरफा कार्रवाई की है, जिस वजह से अब गांव छोड़ देने के अलावा और कोई चारा नहीं है।मामला 6 दिन पहले गारबपुर गांव का है। पलायन कर रहे लोगों का आरोप है कि दूसरे समुदाय के धर्मस्थल पर लाउडस्पीकर लगा है जो लगातार बज रहा है, लेकिन पुलिस ने एकतरफा कार्रवाई करते हुए उनके घर्मस्थल से लाउडस्पीकर हटा दिया। पुलिस को एक लाउडस्पीकर से शांति भंग होने की आशंका है, दूसरे से नहीं।मजहब के आधार पर भेदभाव हो रहा है और वो भी उस सरकार में जो हिंदुओं के नाम पर वोट मांगती है। सियासत की चाशनी में लिपटे इन आरोपों से पुलिस के हाथ पांव फूल गए हैं, वो सफाई दे रही है कि कोई पलायन हो ही नहीं रहा।सवाल ये है कि अगर पलायन हो ही नहीं रहा तो ट्रैक्टर पर पूरी गृहस्थी का सामान लादकर लोग कहां जा रहे हैं। उत्तर प्रदेश के विधानसभा चुनावों में पश्चिमी उत्तर प्रदेश से हिंदुओं के पलायन की बड़ी खबरें आई थीं। तब समाजवादी पार्टी की सरकार थी। खबरें अब भी आ रही हैं, लेकिन अब प्रदेश में बीजेपी की सरकार है।