बिजनौर बना छावनी, दूसरे चरण में होगा चुनाव

कमरुद्दीन फारूकी/प्रशांत गुप्ता, बिजनौर (14 फरवरी): बिजनौर में 10 फरवरी को हुए एक कत्ल और छह महीने पहले हुआ पेदा कांड सियासी मुद्दा बन गया है। चुनाव से दो दिन पहले बिजनौर के पेदा और नवागांव छावनी बने हुए हैं। पूरे बिजनौर को छावनी में तब्दील कर दिया गया है। नेता अपनी सियासत चमकाने के लिए रंजिश में हुई हत्या को सियासी रंग दे दिया।

यूपी में दूसरे फेज के चुनाव के लिए बिजनौर में सुरक्षा की सारी तैयारी पूरी कर ली गई हैं। जिले में सुरक्षा के खास इंतजाम किए गए हैं। विशाल हत्याकांड के बाद पेदागांव और नयागांव में तनाव फैला हुआ है। नेताओं ने हत्या को राजनीतिक रंग दे दिया है।

किसी भी स्थिति से निपटने के लिए...

- बिजनौर में अर्धसैनिक बलों की 83 कंपनियां तैनात की गई हैं

- 531 बूथ संवेदनशील घोषित किए गए हैं

- 144 बूछ अतिसंवेदनशील घोषित किए गए हैं

- अतिसंवेदनशील बूथों पर वीडियोग्राफी की व्यवस्था है

10 फरवरी को नयागांव के बीजेपी कार्यकर्ता विशाल को गोलियों से भूनकर मौत के घाट उतार दिया गया था। विशाल के पिता और नया गांव के पूर्व प्रधान संजय सिंह को चाकुओं से गोद दिया गया था। इस वारदात को अंजाम देने का आरोप दूसरे गुट के जिन लोगों पर है वो सभी छह महीने पहले पेदा गांव में दो गुटों में हुई हिंसा से भी जुड़े हुए हैं। अब पेदा गांव के लोगों को डर है कि छह महीने पुराना गदर फिर शुरू न हो जाए। ऐसे तनावपूर्ण माहौल में प्रशासन के लिए मतदान करवाना बड़ी चुनौती है।