VIDEO: बिहार में ऐसे होता है उम्र का घोटाला, 50 रुपये में घटाएं 25 साल

नई दिल्ली (6 जून): बिहार में 12वीं के एक टॉपर गणेश की गिरफ़्तारी के साथ ही एक बार फिर बिहार की शिक्षा व्यवस्था ही नहीं बल्कि पूरे सिस्टम पर सवाल उठ रहे हैं। गणेश ने अपनी उम्र में हेराफेरी कर दो बार मैट्रिक और इंटर की परीक्षा दी और पास हुआ। अंतर भी एक दो साल का नहीं बल्कि पूरे 18 साल का।

अब सवाल उठता है की उम्र में इतना बड़ा फासला होने के बाद भी गणेश ने ये सब कैसे किया। हालांकि पूरे मामले की जांच अब पटना पुलिस कर रही है, लेकिन आज न्यूज़ 24 आपको दिखने जा रहा है की बिहार में कैसे चंद रुपयों में तैयार हो जाता है आपका जन्म प्रमाण पत्र।

बिहार की राजधानी पटना से लेकर गया, बक्सर, सहरसा और मुजफ्फरपुर में हमने इस बात की पड़ताल की कैसे फर्जी एफिडेविट के आधार पर जन्म प्रमाण पत्र में हेराफेरी हो रही है। सबसे बड़ी चिंता की बात ये है कि शपथ पत्रों के जरिए उम्र घटाने का काम सिर्फ एडमिशन या नौकरी पाने के लिए ही नहीं किया जा रहा, बल्कि ये काम अपराधियों को जुवेनाइल बनाने के लिए भी किया जाता है।

जिस अपराधी ने बालिग होते हुए जुर्म किया उसे नकली शपथ पत्र के जरिए नाबालिग दिखा दिया जाता है और वो महज 3 साल साल में बाहर आ जाता है। ये खेल बिहार के एक शहर में नहीं हो रहा कई शहरों में हो रहा है।

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