वो 40 मिनट : बिहार टू यूपी वाया 'मयखाना एक्सप्रेस', शराब के लिए बनवाए मंथली पास

 

नई दिल्ली (4 मई) :  शाम 6 बजे...बलिया का सुरईमनपुर रेलवे स्टेशन...यहां छपरा-मऊ पैसेंजर ट्रेन (55017) के पहुंचते ही चहल-पहल बढ़ जाती है...ट्रेन पर बिहार से आए कई यात्री स्टेशन के बाहर स्थित शराब के सरकारी ठेके की ओर रुख करते हैं...  

शाम 6.40 बजे...इसी रेलवे स्टेशन पर दूसरी दिशा से छपरा पैसेंजर (ट्रेन नंबर 55132) का आगमन...अब इस ट्रेन पर वो यात्री सवार हो रहे हैं जो 40 मिनट पहले ही छपरा-मऊ पैसेंजर ट्रेन से यहां उतरे थे....ज़ाहिर है इन 40 मिनट में इन यात्रियों ने ना सिर्फ ठेके पर जाकर तेज़ी से शराब को हलक में उतारा बल्कि घर ले जाने के लिए एक-दो बोतल का कोटा और खरीद लिया...

बिहार में शराबबंदी की वजह से इसकी लत के शिकार लोग बिहार से सटे उत्तर प्रदेश के जिलों का रुख कर रहे हैं। इन शराबियों के लिए ये पैसेंजर ट्रेनें एक तरह से 'मयखाना एक्सप्रेस' बन गई हैं। इसी चक्कर में कि कहीं टिकट खरीदने में रोज़ ज़्यादा समय खोटी ना हो, कई ने तो ट्रेन का मंथली पास ही बनवा लिया है।  

 टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक छपरा-मऊ पैसेंजर ट्रेन शाम को 6 बजे सुरईमनपुर रेलवे स्टेशन पहुंचती है, स्टेशन के नजदीक शराब के ठेके पर ग्राहकों की भीड़ जमा हो जाती है। कुछ तो कोल्ड ड्रिंक की बोतलों में ही शराब खरीद कर भर लेते हैं। इन पैसेंजर ट्रेनों की सवारी करने वालों में से रिबिलगंज, गौतमस्थान और छपरा जिलों के लोग हैं।

नॉर्थ ईस्टर्न रेलवे कार्यालय के रेकॉर्ड से भी इस बात की पुष्टि होती है कि अप्रैल महीने में सिवान से बलिया के लिए मंथली पास से यात्रा करने वालों की संख्या में 31 % की बढ़ोतरी हुई है। सुरईमनपुर और छपरा में भी मंथली पास में 19% और 20 % की बढ़ोतरी हुई है।