तेजस्वी और तेज प्रताप ने शुरू की 'जनादेश अपमान यात्रा'


नई दिल्ली (9 अगस्त): आरजेडी प्रमुख लालू यादव के बेटे तेजस्वी यादव और तेज प्रताप यादव ने मोतिहारी से 'जनादेश अपमान यात्रा' की शुरुआत कर दी है। तेजस्वी ने कलेक्ट्रेट मैदान में महात्मा गांधी की प्रतिमा पर धरने देकर यात्री की शुरूआत की। यात्रा में हजारों की संख्या में आरजेडी के समर्थक शामिल हुए हैं।

- तेजस्वी की दो दिनों की पहले चरण की इस यात्रा में राजद के तमाम बड़े नेता मौजूद थे।
- बापू की प्रतिमा स्थल पर आयोजित कार्यक्रम में भाग लेने के बाद तेजस्वी मोतिहारी से करीब 20 किलोमीटर दूर माधोपुर में जानकी देवी प्रोजेक्ट स्कूल मैदान में जनसभा को संबोधित करेंगे। शाम चार बजे वहां से वह शिवहर के लिए प्रस्थान करेंगे। शिवहर में रात्रि विश्राम करेंगे।
- गुरुवार को तेजस्वी तीन अलग-अलग क्षेत्रों में जनसभा करेंगे। पहली सभा सुबह 10 बजे से शिवहर कलेक्ट्रेट मैदान में होगी। सीतामढ़ी के गोयनका कॉलेज मैदान में एक बजे से सभा करेंगे। शाम चार बजे छपरा के नीमापुर स्थित महंत राम किशोर दास उच्च विद्यालय मैदान सभा कर पटना लौटेंगे।

क्या है 'जनादेश अपमान यात्रा'?
- बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने 26 जुलाई को इस्तीफा दिया था और अगले दिन ही भाजपा के साथ मिलकर नई सरकार बना ली थी।
- महागठबंधन छोड़कर भाजपा के साथ नीतीश के हाथ मिलाने को आरजेडी ने जनता के आदेश का अपमान बताया था।
- आरजेडी का कहना था कि जनता से 2015 के चुनाव में महागठबंधन को बीजेपी के खिलाफ वोट दिया था। बीजेपी के साथ मिलकर नीतीश ने जनता को धोखा दिया है।
- इस बात को जनता के बीच ले जाने के लिए तेजस्वी ने पश्चिम चम्पारण की यात्रा करने की घोषणा की थी और इस यात्रा का नाम 'जनादेश अपमान यात्रा' रखा था।

इस यात्रा में क्या करेंगे तेजस्वी?
- आरजेडी नीतीश के भाजपा के साथ मिलने को प्री प्लांड बताती है। तेजस्वी अपनी यात्रा के दौरान जनता से नीतीश द्वारा किए गए छल की बात कहेंगे।
- जनादेश अपमान यात्रा के दौरान नीतीश कुमार की पोल खोली जाएगी। भाजपा की आरक्षण नीति का विरोध करेंगे।
- आरजेडी 27 अगस्त को पटना के गांधी मैदान में 'भाजपा हटाओ, देश बचाओ' रैली करने वाली है। तेजस्वी अपनी चम्पारण यात्रा के दौरान लोगों को रैली में आने का न्योता भी देंगे।