एनडीए से अलग होने पर कुशवाहा की पार्टी में दो फाड़, बागी नेताओं ने पार्टी पर भी ठोक दावा


न्यूज 24 ब्यूरो, नई दिल्ली (15 दिसंबर):एनडीए से अलग हुई राष्ट्रीय लोक समता पार्टी के अध्यक्ष एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री उपेंद्र कुशवाहा की मुश्किलें बढ़ गई है। कुशवाहा के एनडीए से अलग होने के फैसले का पार्टी विधायकों ने विरोध किया है साथ ही पार्टी पर भी दावा ठोक दिया है। इन लोगों ने खुद को असली आरएलएसपी का नेता बताते हुए अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा पर व्यक्तिगत राजनीति करने का आरोप भी लगाया। गौरतलब है कि कुछ दिन पहले उपेंद्र कुशवाहा ने एनडीए में सम्मान नहीं मिलने के कारण अलग होने का ऐलान किया था। आरएलएसपी अध्यक्ष लोकसभा चुनाव में सीट बंटवारे को लेकर बीजेपी से नाराज थे।

उपेंद्र कुशवाहा के एनडीए से अलग होने के फैसले के बाद राष्ट्रीय लोक समता पार्टी में घमासान जोरों पर है और आज पार्टी दो खेमों में भी बंट गई। बिहार में आरएलएसपी के सभी दो विधायकों और एकमात्र विधान पार्षद ने एनडीए के साथ रहने के साथ-साथ आरएलएसपी पर भी अपना दावा ठोंक दिया। आरएलएसपी के दोनों विधायकों सुधांशु शेखर और ललन पासवान के साथ विधान पार्षद संजीव श्याम सिंह ने पटना में प्रेस कर कहा कि वे एनडीए में थे और आगे भी रहेंगे। साथ ही उनलोगों ने कहा कि आरएलएसपी एनडीए से कभी अलग हुई ही नहीं है।  आरएलएसपी के विधान पार्षद संजीव शेखर ने एनडीए नेतृत्व पर विश्वास व्यक्त करते हुए कहा कि बिहार विधान मंडल में आरएलएसपी के तीनों सदस्य एनडीए के साथ हैं और आगे भी रहेंगे।

हालांकि इन नेताओं का कहना है कि एनडीए उन्हें सरकार में प्रतिनिधित्व दे या नहीं दे परंतु वे एनडीए को मजबूत करने के लिए काम करते रहेंगे। इन तीनों नेताओं ने आरएलएसपी का दावा ठोंकते हुए कहा कि अगर जरूरत पडे़गी तो वे लोग निर्वाचन आयोग से मिलकर अपनी बात रखेंगे। उन्होंने दावा करते हुए कहा कि आरएलएसपी के अधिकांश कार्यकर्ता भी उनके साथ हैं। उपेंद्र कुशवाहा पर व्यक्तिवादी राजनीति करने का आरोप लगाते हुए इन नेताओं ने कहा कि वे केवल अपने लाभ की बात करते हैं। उन्हें न पार्टी से मतलब रहा ना ही उन्हें बिहार से मतलब रहा।