खत्म हुआ 'गोल्डन थीफ' का आतंक, 6 राज्यों की पुलिस को थी इसकी तालाश

 

पटना(22 जनवरी): 'गोल्डन थीफ' का आतंक खत्म हो गया है। पटना एसटीएफ की टीम के हत्थे चढ़ा सुबोध को पूरे देश की पुलिस गोल्डन थीफ के नाम से जानती है। यह एक ऐसे गिरोह का सरगना है जिसने देश के अलग अलग शहरों में 100 किलो से ज्यादा का सोना लूटा था। ज्यादातर उसके निशाने पर मुथूट फाइनेंस की तिजोरी रही। गिरफ्तारी के बाद जब पुलिस ने उसके ठिकाने पर छापेमारी की तो 15 किलो सोना के जेवरात मिले। इसके अलावा 4 असलहे (2 रेगुलर और 2 देसी पिस्तौल) भी बरामद किए गए हैं।    - दरअसल 6 राज्यों की पुलिस के लिए सिरदर्द बने सरगना सुबोध ने सोना लूट की कई वारदातों को अंजाम देने के बाद पटना में शरण ले रखी थी। पहले से ही दूसरे राज्यों की पुलिस लगातार बिहार पुलिस के संपर्क में थी।

- इसी क्रम में विभिन्न सोर्स से मिले सुराग पर तीन दिन पहले आईजी (ऑपरेशन) कुंदन कृष्णन के निर्देशन में एसटीएफ की टीम ने राजीवनगर के रामनगरी स्थित पुष्पांजलि इन्क्लेव में सरगना के ठिकाने पर नजरें गड़ा दी।

- दिन-रात निगरानी के क्रम में बीते शुक्रवार की देर शाम एक कार पर सवार होकर सरगना निकला। एसटीएफ दस्ते के पीछा करने पर फायरिंग करते हुए गाड़ी छोड़ कर कार में सवार चार अपराधी नाले में कूद पड़े।

- तब एसटीएफ जवान ने भी नाले में छलांग लगाते हुए सुबोध समेत दो पकड़ लिया जबकि अन्य भाग निकले। बाद में दोनों की निशानदेही पर ठिकाने से करोड़ों के सोना के साथ ही अन्य गुर्गे भी पकड़े गए। बहरहाल बीते 48 घंटे के ऑपरेशन में सरगना समेत 5 गुर्गे गिरफ्तार हो चुके हैं।

- नालंदा जिले का रहने वाला सुबोध सिंह बीते एक दशक से अपराध की दुनिया में सक्रिय है। उसके ‘सॉफ्ट टारगेट’ पर सोना रहा है।

- खासकर मल्लपुरम गोल्ड फाइनेंस, मुत्थुट फाइनेंस व अन्य कंपनियों का सोना उसके निशाने पर रहे हैं।

- आलम यह है कि राजस्थान, महाराष्ट्र समेत आधा दर्जन राज्यों में वह 100 किलो से अधिक सोना लूट चुका है।

- करीब 6 महीने पहले ही जयपुर में हुए 36 किलो सोना लूट के मामले में भी सुबोध गिरोह की संलिप्तता सामने आई थी।

- पिछले वर्ष महाराष्ट्र पुलिस ने नागपुर में हुए सोना लूट के मामले में सरगना की पत्नी को गिरफ्तार किया था।