संघ पर नीतीश सरकार की नजर, बिहार में RSS नेताओं की जानकारी निकालने के दिए आदेश

Nitish Kumar

न्यूज 24 ब्यूरो, नई दिल्ली (17 जुलाई): बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को संवेदनशील मामलों की जानकारी देने वाली प्रदेश पुलिस की खुफिया इकाई को आरएसएस नेताओं की जानकारी निकालने का आदेश मिला था। 28 मई यानी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के शपथ लेने के दो दिन पहले स्पेशल ब्रांच के एसपी द्वारा जारी किए गए एक पत्र में प्रदेश के आरएसएस पदाधिकारियों और 17 सहायक संगठनों की विस्तृत जानकारी निकालने के आदेश दिए गए थे। मामले के खुलासे के बाद बिहार पुलिस के अधिकारी इस मामले पर कुछ भी बोलने से बच रहे हैं।

letterआदेश में इन संगठनों के पदाधिकारियों के नाम और पते की जानकारी एक सप्ताह के अंदर देने को कहा गया है। आदेश पत्र को 'अतिआवश्यक' बताया गया है। विशेष शाखा की ओर से जारी आदेश में संघ, विश्व हिंदू परिषद, बजरंग दल, हिंदू जागरण समिति, धर्म जागरण समन्वय समिति, मुस्लिम राष्ट्रीय मंच, हिंदू राष्ट्र सेना, राष्ट्रीय सेविका समिति, शिक्षा भारती, दुर्गा वाहिनी, स्वेदशी जागरण मंच, भारतीय किसान संघ, भारतीय मजदूर संघ, भारतीय रेलवे संघ, अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद, अखिल भारतीय शिक्षक महासंघ, हिंदू महासभा, हिंदू युवा वाहिनी, हिंदू पुत्र संगठन के पदाधिकारियों का नाम और पता मांगा गया है।

नीतीश सरकार ने ये आदेश 28 मई को ही जारी किया था, जिसका लेटर अब जाकर वायरल हो रहा है। अब इस आदेश के सार्वजनिक होने के बाद से न केवल बिहार की सियासत में भूचाल आ गया है, बल्कि इस विषय पर चर्चाओं का बाजार भी गर्म है। वहीं इस पर मामले पर पुलिस अधिकारी मौन हैं। बिहार सरकार के इस आदेश पर पूर्व केंद्रीय मंत्री और बीजेपी नेता संजय पासवान ने कहा कि बिहार की पुलिस सरकार के द्वारा संघ के लोगों के बारे में जानकारी जुटाने के आदेश देना काफी गंभीर मुद्दा है। इस पर बीजेपी और संघ दोनों गंभीरता से ले रही है। वहीं बजरंग दल के सह प्रांत संयोजक शुभम भारद्वाज ने इस मामले पर कहा कि नीतीश ने संघ परिवार के सभी अनुसांगिक संगठनों को पूर्व से ही टारगेट कर रखा है जिसमें विहिप बजरंग दल प्रमुख है। उन्होंने कहा कि 'विहिप का ही युवकों का आयाम बजरंग दल और युवतियों का आयाम दुर्गावाहिनी है. नीतीश कुमार ने आजतक आईएसआईएस, लश्कर-ए-तैयबा पर कुछ नहीं बोला क्योंकि इससे इनका मुस्लिम वोट बैंक खराब हो जाएगा। परंतु देशभक्त, हिंदूवादी संगठन का विरोध यह प्रमुखता से करते आये हैं जिससे प्रदेश के मुस्लिमों का मत ये जीत सकें।'