उपेंद्र कुशवाहा का बीजेपी से मोहभंग, कहा- जब नाश मनुष्य पर छाता है तो विवेक मर जाता है


न्यूज 24 ब्यूरो, नई दिल्ली (2 दिसंबर): लोकसभा 2019 के मद्देनजर सिटों को बंटवारे को लेकर बिहार में एनडीए में घमासान जारी है। सीट बटवारे को लेकर सबसे ज्यादा नाराजगी केंद्रीय मंत्री उपेंद्र कुशवाहा की पार्टी राष्ट्रीय लोक समता पार्टी में है। सीट बंटवारे को लेकर उपेंद्र कुशवाहा की 30 नवंबर तक का अल्टीमेटम भी खत्म हो गया है लेकिन बीजेपी की तरफ से उन्हें खास तबज्जो नहीं दिया गया है। सीट बंटवारे को लेकर पहले उन्होंने बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह से समय मांगा, लेकिन अमित शाह से मिलने का वक्त नहीं मिलने के बाद उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी से वक्त मांगा। लेकिन अबतक न तो उनकी मुलाकात अमित शाह से हो पाई है और न ही प्रधानमंत्री से उन्हें कोई आश्वासन मिला है। लिहाजा उपेंद्र कुशवाहा का बीजेपी और एनडीए से मोह भंग होता दिख रहा है।

इसी कड़ी में शनिवार को उपेंद्र कुशवाहा ने इशारों ही इशारों में भारतीय जनता पार्टी पर निशाना साधते हुए काव्यात्मक लहजे में कहा कि 'जब नाश मनुष्य पर छाता है तो पहले विवेक मर जाता है'। लोकसभा चुनाव के सीट बंटवारे को लेकर दोनों नेताओं द्वारा समय नहीं दिए जाने के एक सवाल के जवाब में केंद्रीय मंत्री कुशवाहा ने कहा कि 'उन्होंने क्यों समय नहीं दिया, इसका उत्तर तो वही दे सकते हैं परंतु दिनकर के शब्दों में 'जब नाश मनुष्य पर छाता है तो पहले विवेक मर जाता है।' साथ ही उन्होंने कहा कि आगामी चार दिसंबर से छह दिसंबर तक पश्चिमी चंपारण के वाल्मीकिनगर में पार्टी का चिंतन शिविर आयोजित किया गया है। यहां कार्यकर्ताओं की राय जानने के बाद पार्टी अगले कदम की घोषणा करेगी।

इन सबके बीच कुशवाहा की पार्टी आरएलएसपी के राष्ट्रीय महासचिव माधव आनंद ने कहा है कि, 'एनडीए में हमारा साथ अब पूरी तरह खत्म हो गया है। हम हमारे सामने उपलब्ध सभी विकल्पों पर विचार करेंगे। हालांकि, एक बात निश्चित है कि हम इस 2019 के लोकसभा चुनाव में अकेले नहीं उतरेंगे।' साथ ही उन्होंने कहा कि, 'हम आरजेडी के नेतृत्व में महागठबंधन से जुड़ाव महसूस कर रहे हैं। अगर हमारी पार्टी को सीटों की उचित संख्या मिलती है, तो बिहार में महागठबंधन में शामिल होने में हमें कोई समस्या नहीं होगी।' आरएलएसपी बीजेपी से राज्य में तीन या इससे ज्यादा सीटों की मांग कर रही थी।