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NDA में सीट बंटवारे पर आज फाइनल फैसला, अमित शाह से नीतीश तो जेटली से मिलेंगे पासवान

2019 के आम चुनाव से पहले देश का सियासी गणित तेजी से बदल रहा है । आखिरकार एनडीए के कुनबे से अलग होकर उपेंद्र कुशवाहा ने यूपीए का दामन थाम लिया

न्यूज 24 ब्यूरो, नई दिल्ली (21 दिसंबर): 2019 के आम चुनाव से पहले देश का सियासी गणित तेजी से बदल रहा है । आखिरकार एनडीए के कुनबे से अलग होकर उपेंद्र कुशवाहा ने यूपीए का दामन थाम लिया । उपेंद्र कुशवाहा जिस सीट बंटवारे को लेकर नाराज हैं उसी मुद्दे को लेकर लोक जनशक्ति पार्टी के नेता चिराग पासवान और रामविलास पासवान ने अमित शाह से मुलाकात की है लेकिन कोई नतीजा नहीं निकला । चुनाव से पहले अब ये देखा जाने लगा है कि किसका कुनबा कितना ताकतवर है ।

आखिरकार एनडीए के कुनबे से अलग होकर उपेंद्र कुशवाहा ने यूपीए का दामन थाम लिया। उपेंद्र कुशवाहा जिस सीट बंटवारे को लेकर नाराज हैं उसी मुद्दे को लेकर लोक जनशक्ति पार्टी के नेता चिराग पासवान और रामविलास पासवान ने अमित शाह से मुलाकात की है लेकिन कोई नतीजा नहीं निकला। चुनाव से पहले अब ये देखा जाने लगा है कि किसका कुनबा कितना ताकतवर है। बहुत पुरानी कहावत है सौ सोनार की एक लोहार की । एनडीए में मोदी हैं और मोदी में कितनी ताकत है इसका अंदाजा विपक्ष को 2014 के चुनाव से लग चुका है ।

जानकारों के मुताबिक राहुल का कुनबा मजबूत हो रहा है और एनडीए का कुनबा छोटा पड़ता जा रहा है । दक्षिण से चंद्रबाबू नायडू एनडीए से बाहर हुए और आज आरएलएसपी के उपेंद्र कुशवाहा महागठबंधन के साथी बन गए। बिहार में राहुल के गठबंधन में तेजस्वी यादव, शरद यादव, जीतनराम मांझी के बाद अब उपेंद्र कुशवाहा शामिल हो गए । एनडीए के कुनबे को बड़ा होता देख बीजेपी हरकत में आई । चिराग पासवान और रामविलास पासवान ने अमित शाह से मुलाकात की । इस दौरान अरुण जेटली भी मौजूद थे। इधर तेजस्वी ने खुलेआम ऐलान कर दिया है कि संविधान को बचाना है, मोदी को हराना है ।

दरअसल 2019 के चुनावी महाभारत से पहले गठबंधन की सियासी बिसात बिछ गई है। महारथियों को अपने-अपने पाले में करने की कवायद तेजी से शुरु हुई है। ऐसे में सबसे बड़ी बहस में आज का सवाल उठता है कि- गठबंधन से ही तय होगी मोदी-राहुल की तकदीर ?- गठबंधन के खेल में मोदी आगे या राहुल ?

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