बिहार में दिमागी बुखार से हाहाकार, 23 दिन में 80 बच्चों की मौत

brain-fever न्यूज 24 ब्यूरो, नई दिल्ली (15 जून): बिहार के मुजफ्फपुर सहित तीन जिलों वैशाली और समस्तीपुर में चमकी बुखार का कहर लगातार जारी है। आज तक इस बीमारी से मरने वालो की संख्या बढ़कर 80 हो गई है। जिनमें मुजफ्फरपुर में 64 बच्चों की मौत हुई है। इंसेफेलाइटिस सिंड्रोम नाम की बीमारी का कहर बढ़ता ही जा रहा है। मासूमों की जान पर बनी हुई है, परेशान लोग प्रशासन से अपने बच्चों की जिदगी बचाने की गुहार लगा रहे हैं। आपको बता दें कि चमकी बुखार के लक्षणों में लगातार तेज बुखार चढ़े रहना, बदन में ऐंठन, दांत चढ़े रहना, सुस्ती और कमजोरी शामिल है। चमकी बुखार के चपेट में गरीब परिवारों के बच्चे आ रहे हैं। मृतक बच्चों में से अधिकांश की आयु 1 से 7 वर्ष के बीच है।

brain-fever

लगातार हो रही मौतों के कारणों की जांच के लिए स्वास्थ्य विशेषज्ञों की टीम मुजफ्फरपुर में है। वहीं, स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का कहना है कि इलाके में चिलचिलाती गर्मी, नमी और बारिश के ना होने के चलते लोग हाइपोग्लाइसीमिया के कारण लोगों की मौत हो रही है। कुछ रिपोर्ट्स में यह भी बताया गया था कि चमकी के कारण हो रही मौतों का कारण लीची भी हो सकती है। कहा जा रहा है कि मुजफ्फरपुर के आस-पास उगाई जाने वाली लीची में कुछ जहरीले तत्व हैं। गौरतलब है कि इस बीमारी के लक्षणों और कारणों का देश के विशेषज्ञ अध्ययन कर चुके हैं। दिल्ली के नेशनल सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल के विशेषज्ञों की टीम और पुणे के नेशनल इंस्टीच्यूट ऑफ वायरोलॉजी (एनआईवी) की टीम भी इस बीमारी पर रिसर्च कर रही है।

गौरतलब है कि मौसम में तल्खी और हवा में नमी की अधिकता के कारण होने वाले वाले इस बुखार को लेकर राज्य के सीएम नीतीश कुमार भी चिंता जता चुके हैं। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग को इस पर नजर बनाए रखने को कहा था। यह बीमारी हर साल इसी मौसम में मुजफ्फरपुर और इसके आसपास के इलाकों के बच्चों को अपनी चपेट में लेती है।एईएस से पीड़ित अधिकांश बच्चों में हाइपोग्लाइसीमिया यानी अचानक शुगर की कमी और कुछ बच्चों के शरीर में सोडियम (नमक) की मात्रा भी कम पाई जा रही है।