जेल में शहाबुद्दीन से मिले नीतीश सरकार में मंत्री गफूर

सिवान (8 मार्च): भारतीय राजनीति पर हमेशा सवाल उठते रहे हैं कि वह गुडों और अपराधियों के बिना नहीं चल सकती। ऐसा हम इसलिए कह रहे हैं क्‍योंकि उम्रकैद की सजा काट रहे पूर्व बाहुबली सांसद शहाबुद्दीन से जेल में जाकर नीतीश सरकार के मंत्री ने मुलाकात की।

शहाबुद्दीन पूर्व आरजेडी नेता रह चुके हैं। मीडिया में एक फोटो सामने आई है, जिसमें वह नीतीश सरकार में अल्पसंख्यक कल्य़ाण मंत्री अब्दुल गफूर जेल में मिले हैं। अब्दुल गफूर ने सीवान जेल में शहाबुद्दीन से मुलाकात की। मुलाकात की तस्वीरें सामने आने के बाद विवाद शुरु हो गया है। शहाबुद्दीन पर कई गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं। इसीलिए संवैधानिक पद पर बैठे मंत्री की उनसे मुलाकात पर गंभीर सवाल खड़े होते हैं।

हालांकि नीतीश सरकार में मंत्री अब्दुल गफूर ने सफाई में कहा है कि ये मुलाकात शिष्टाचार के नाते हुई थी। बिहार बीजेपी के अध्यक्ष मंगल पांडे ने मुलाकात पर सवाल उठाए हैं। बिहार कांग्रेस अध्यक्ष और नीतीश सरकार में मंत्री अशोक चौधरी ने कहा है कि अगर अब्दुल गफूर ने कुछ गलत किया तो उस पर उचित कार्रवाई होगी।

कौन हैं शहाबुद्दीन राजद के पूर्व सांसद व विधायक रहे मो. शहाबुद्दीन की तूती आज भी बोलती है। कहा जाता है कि खासकर सीवान में कोई पत्ता भी उनके इशारे के बिना नहीं सरकता है। बहरहाल तेजाब कांड में उम्रकैद की सजा पा चुके बाहुबली मो. शहाबुद्दीन को तेजाब कांड में षड्यंत्र रचने, अपहरण व हत्या करने के मामले में कोर्ट ने दोषी मानते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई है। यह वही बाहुबली शहाबुद्दीन हैं जिनकी लालू यादव की सरकार के दौरान 1990 के दौर से ही चलती रही है।

1986 में दर्ज हुआ पहला केस सीवान के बाहुबली नेता शहाबुद्दीन पर 1986 में हुसैनगंज थाने में पहला आपराधिक केस दर्ज हुआ। फिर तो इसके बाद उनके खिलाफ लगातार मामले दर्ज होते चले गए। इस वजह से देश की क्रिमिनल हिस्ट्रीशीटरों की लिस्ट में वे शामिल हो गए। 1990 में निर्दलीय विधायक बनने के बाद शहाबुद्दीन लालू प्रसाद के नजदीक चले गए। फिर विधायक और सांसद भी बने।