नरम पड़े लालू, महागठबंधन को नीतीश-तेजस्वी बिना सरकार बनाने का दिया न्यौता


पटना (25 जुलाई): नीतीश कुमार के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफे के बाद बिहार में तेजी से घटनाक्रम बदल रहा है। एक तरफ जहां बीजेपी के समर्थन से नीतीश कुमार फिर से राज्य में अपनी सरकार बना सकते हैं। वहीं आरजेडी अध्यक्ष लालू यादव ने उनसे एकबार फिर महागठबंधन को नहीं तोड़ने की अपील की है। नीतीश कुमार के इस्तीफे के ऐलान के बाद लालू यादव ने पहले तो नीतीश कुमार पर कई आरोप लगाए और कहा कि उनकी बीजेपी से पहले ही सेटिंग हो गई है।

लगे हाथों लालू यादव ने नीतीश कुमार से गठबंधन नहीं तोड़ने की भी अपील की। उन्होंने कहा कि लालू ने फिर कहा कि अगर आपका सेटिंग नहीं है तो आइए फिर से बैठिए, बिहार के जनता का जनादेश पांच साल का है। इसे पूरा कीजिए। आप उनकी गोद में मत खेलिए। लालू यादव ने कहा आप अगर महागठबंधन नहीं तोड़ना चाहते हैं तो आइए फिर से बैठिए। न तेजस्वी रहेंगे और न आप रहेंगे, नया नेता चुना जाएगा। आरजेडी, कांग्रेस और जेडीयू के सारे विधायक बैठेंगे और नया नेता चुनेंगे।' लालू शायद इसी ओर इशारा कर रहे हैं कि महागठबंधन नीतीश के बिना भी चल सकता है। शायद इसीलिए लालू ने यह भी कहा कि नीतीश का इस्तीफा हुआ है, महागठबंधन नहीं टूटा है। 

लालू ने कहा कि 'नीतीश ने बिहार की जनता की इच्छाओं का हमेशा अनादर किया। बीजेपी के राष्ट्रपति कैंडिडेट को वोट किया। हम प्रदेश को राष्ट्रपति शासन में नहीं ढकेलना चाहते। अगर आपका सेटिंग नहीं है तो आइए फिर से बैठिए, बिहार के जनता का जनादेश पांच साल का है। इसे पूरा कीजिए। आप उनकी (बीजेपी की) गोद में मत खेलिए।'