बिहार में बाढ़ से हालात बेकाबू, आर्मी का 'रेस्कूय ऑपरेशन' शुरू

पटना (13 अगस्त): बिहार में बारिश और बाढ़ की वजह से हालात लगातार बेकाबू होता जा रहा है। कई इलाके पूरी तरह से जलमग्न है। कई जगहों पर रेलखंडों और नेशनल हाईवे पर पानी बह रहा है। जिससे प्रभावित इलाकों में आवागमन बाधित हो गया है। नेपाल के जलग्रहण क्षेत्रों के साथ-साथ राज्य के कई इलाकों में पिछले कई दिनों से भारी बारिश हो रही है। नेपाल में भारी बारिश के बाद अब बिहार में बाढ़ का खतरा गंभीर हो चुका है। राज्य प्रशासन की ओर से बताया गया है कि कोसी क्षेत्र में नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। नेपाल से भारत में बहने वाली नदियों के कारण उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और बिहार बाढ़ की गंभीर समस्या से जूझ रहा है।

बाढ़ के बिगड़ते हालात के बीच मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री राजनाथ सिंह से फोन पर बातचीत की और उन्हें पूरी स्थिति से अवगत कराया। साथ ही नीतीश कूमार ने केंद्र से NDRF की 10 टुकड़ियों की बिहार में भेजने की मांग की है। जानकारी के मुताबिक प्रधानमंत्री और गृहमंत्री ने नीतीश कुमार को हर संभव मदद का भरोसा दिया है।

सुपौल, सहरसा, पूर्णिया, कटिहार, अररिया, किशनगंज, दरभंगा, मधुबनी, सीतामढ़ी, पूर्वी और पश्चिमी चंपारण में हालात बेहद गंभीर हैं। गई जगहों पर रेलवे स्टेशन और रेलवे ट्रैक पूरी तरह से पानी में डूबा हुआ है। अररिया का जोगबनी स्‍टेशन बाढ़ में पूरी तरह डूब चुका है। इसके अलावा अररिया, किशनगंज, कटिहार और पूर्वी चंपारण में कई जगहों पर रेल ट्रैक पर बाढ़ का पानी बह रहा है। इस वजह से रेल यातायात बाधित हुई है। कटिहार का भी देश के पूर्वोत्‍तर इलाकों से संपर्क कट गया है।