बाढ़ से बिहार में बिगड़े हालात, कई नदियों ने तोड़ा तटबंध, CM नीतीश करेंगे हवाई सर्वेक्षण

पटना (14 अगस्त): बिहार में बाढ़ से चारों तरफ हाहाकर मचा है और नेपाल में में पिछले कई दिनों से लगातार हो रही बारिश ने यहां और मुश्किलें बढ़ दी है। राज्य की तमाम नदियां उफान पर है और लाखों लोग अपने घरवार को छोड़कर सुरक्षित जगहों पर जाने को मजबूर हैं। हालत की गंभीरता को देखते हुए राहत और बचाव काम में NDRF के साथ सेना को भी लगाया गया है। वहीं मुख्यमंत्री नीतीश कुमार आज बाढ़ प्रभावित इलाकों का हवाई सर्वेक्षण करेंगे।

सीमांचल, कोसी और उत्तर बिहार के तमाम जिलों में भयावह स्थिति हो गई है। जोगबनी, कटिहार और किशनगंज में कई रेलवे स्टेशन और ट्रैक डूब गए हैं। और कई तटबंध टूट गए हैं। हजारों घर डूबे हुए हैं और कई इलाकों में रेल, बिजली और दूरसंचार सेवा ठप है। कटिहार का पूर्वोत्तर के राज्यों से रेल संपर्क भंग हो गया है। किशनगंज जिला पूरी तरह टापू में तब्दील हो गया है। पूर्णिया, कटिहार और किशनगंज जिले में राहत और बचाव कार्य में सेना लगाई जा रही है।

सुपौल में दीवार गिरने से दो और जमुई में एक व्यक्ति की मौत हुई है। सहरसा में डूबकर दो और अररिया व मधेपुरा जिले में एक-एक व्यक्ति की मौत हुई है। 

बाढ़ से राज्य के बिगड़ते हालात से परेशान मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने रविवार सुबह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से फोन पर बात कर केंद्र की मदद मांगी। मुख्यमंत्री ने केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह और रक्षा मंत्री अरुण जेटली से भी बात की। केंद्र ने सेना और एनडीआरएफ को राहत और बचाव के निर्देश दिए हैं।