बिहार में बाढ़ की स्थिति भयावह, NDEF की 10 और कंपनियां तैनात

पटना (14 अगस्त):  नेपाल में लगातार हो रही बारिश की वजह से बिहार में बाढ़ की स्थिति लगातार भयावह बनी हुई है। किशनगंज, अररिया, पूर्णिया, कटिहार, पश्चिम चंपारण, सहरसा और सुपौल जिला सबसे ज्यादा प्रभावित है। प्रभावित ज़िलों में कई गाव पूरी तरह से पानी में डूबा हुआ है। लोग जान बाचाने के लिए अपने घरवार छोड़कर पलायन करने के लिए मजबूर हैं। जन जीवन पूरी तरह से अस्त व्यस्त हो गया है मकान और गाड़ियां पानी में डूब गई है। कई प्रखंडों का जिला मुख्यालय से संपर्क टूट गया है। बाढ़ की वजह से रेल यातायात भी प्रभावित हुआ है। कई गाड़ियों को रद्द कर दिया गया है जबकि कई को डायवर्ट किया गया है। इसके चलते कई ट्रेनों को विभिन्न स्टेशनों पर रोकना पड़ा, कई ट्रेनों को रद्द करना पड़ा और कई के समय में बदलाव करना पड़ा है। कुछ रेलगाड़ियों को तो जहां से वे चली थीं, वहीं वापस ले जाना पड़ा या नजदीकी सुविधाजनक स्टेशन पर रोक दिया गया। 

बाढ़ को लेकर रविवार को राज्य में हुई आपात बैठक के बाद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने फोन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृहमंत्री राजनाथ सिंह से फोन पर बात की। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने प्रभावित लोगों  की मदद के लिए सेना और वायुसेना से मदद मांगी है। साथ ही NDRF की 10 अतिरिक्त कंपनी की भी मांग की गई। 

आपको बता दें कि पश्चिम बंगाल, बिहार, असम और पूर्वोत्तर के अन्य राज्यों में बीते 24 घंटे में हुई भारी बारिश के चलते रेल सेवाएं बुरी तरह प्रभावित हुई हैं। अधिकारियों ने रविवार को बताया कि पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे के कटिहार और अलीपुरद्वार के कई हिस्सों में रेल ट्रैक डूब गया है। पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे की ओर से जारी वक्तव्य में कहा गया है कि शनिवार की रात स्थिति तब और खराब हो गई, जब बारसोई, सुधानी रेलवे स्टेशनों और पूर्वोत्तर को बाकी देश से जोड़ने वाला मुख्य रेल मार्ग भारी बारिश के चलते पानी में डूब गया। किशनगंज रेलवे स्टेशन के पास बने पुल के नीचे नदी खतरे के निशान से ऊपर चली गई है।