इस शहीद के पिता को सलाम, 30 साल में दोनों बेटों को देश पर किया कुर्बान

नई दिल्ली(20 सितंबर): उरी हमले में शहीद हुए हवलदार अशोक कुमार सिंह‍ के परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है। पति की मौत की खबर सुनकर संगीता देवी सदमे में है। बेटे ने जब उन्‍हें बताया किे अशोक कुमार सिंह उरी हमले में शहीद हो गए तो उनकी पूरी दुनिया की उजड़ गई।

सोमवार सुबह उन्‍हें दुखद खबर मिली। उन्‍हें गांव से दूर डॉक्‍टर के पास ले जाया गया जहां पर उन्‍हें ग्‍लूकोस चढ़ाया गया। वे बार-बार बेहोश हो गईं। अशोक के पिता जगनारायण सिंह की आंखें पथरा चुकी हैं। 80 साल के जगनारायण के लिए यह दूसरा बड़ा झटका है। उनके बड़े बेटे बेटा कामता सिंह भी 30 साल पहले शहीद हो गए थे।

कामता सिंह छह सितम्‍बर 1986 को राजस्‍थान में एक आतंकी हमले में शहीद हो गए थे। बावजूद इसके जगनारायण ने अपने एक पोते को फौज में जाने के लिए प्रेरणा दी। शहीद अशोक सिंह की पत्‍नी का कहना है, ”कुछ नहीं चाहिए, हमको हमारे पति और 17 जवानों का बदला चाहिए

बिहार के मुख्‍यमंत्री नीतीश कुमार ने शहीदों के परिवार के लिए 5-5 लाख रुपये का एलान किया है। साथ ही शहीदों का राजकीय सम्‍मान से अंतिम संस्‍कार किया जाएगा। बिहार से तीन जवान अशोक कुमार सिंह, सिपाही राकेश सिंह और नायक सुनील कुमार विद्यार्थी उरी हमले में शहीद हुए हैं। कश्‍मीर के उरी में आर्मी बेस पर हमले में सेना के 17 जवान शहीद हुए। इस हमले में 19 जवान घायल भी हुए हैं। सेना ने शहीद जवानों के नाम जारी कर दिए हैं। इनमें से चार उत्‍तर प्रदेश, तीन-तीन बिहार व महाराष्‍ट्र, दो-दो झारखंड, महाराष्‍ट्र, पश्चिम बंगाल और एक राजस्‍थान से हैं। शहीद होने वाले सैनिकों में 15 6बिहार और दो डोगरा रेजीमेंट के हैं।

रविवार को सेना के DGMO की ओर से हमले में आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद का हाथ होने की बात कही गई है। री हमले की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कड़ी निंदा करते हुए कहा कि इसके पीछे जो भी हैं उन्हें किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। आतंकी हमले के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्विटर पर लिखा- हम इस कायरतापूर्ण आतंकी हमले की कड़ी निंदा करते हैं और देश को भरोसा दिलाते हैं कि इस हमले के पीछे जो भी हैं उन्हें बख्शा नहीं जाएगा।