बिहार के नए डीजीपी की नियुक्ति पर विवाद, सरकार की सफाई

नई दिल्ली(1 मार्च): बिहार के नए डीजीपी केएस दिवेद्धी की नियुक्ति पर उठे विवाद पर सरकार ने सफाई दी है। सरकार की ओर से गृह विभाग के प्रधान सचिव आमिर सुबहानी ने बताया कि भागलपुर दंगे के दौरान दिवेद्धी पर आरोप लगे थे। लेकिन तीन जजों की कमिटी बनाई गई थी जिसमें से आयोग के एक सदस्य ने अपने प्रतिवेदन में केएस दिवेद्धी के एसपी के रूप में किये गए कार्यो की सराहना की थी। 

- इसके अलावा जबकि दो सदस्यों ने प्रतिकूल टिप्पणी की थी लेकिन पटना हाईकोर्ट में इन अधिक्कारियो की याचिका पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने दिवेद्धी के खिलाफ दो सदस्यों के प्रतिकूल टिप्पणी को खंडित करते हुए आदेश दिया था कि उनके विरुद्ध कोई कार्रवाई नहीं की जाए।

- राज्य सरकार हाईकोर्ट के आदेश के खिलाफ उच्चतम न्यायालय गई लेकिन उसे खारिज कर दिया। इस प्रकार उच्च न्यायालय का निर्णय अंतिम और बाध्यकारी होगा। जिसके बाद दिवेद्धी को 2000 से ही नियमित प्रोन्नति दी जा रही है। इसके बाद 2005 में वह आईजी और 2011 में एडीजी बनाये गए। इस तरह वरियता के आधार पर दिवेद्धी की डीजीपी के रूप में नियुक्ति पूर्णत नियमानुकूल है।