नीतीश ने किया रामनाथ कोविंद को समर्थन, सहयोगी नाराज

सौरभ कुमार, पटना  ( 22 जून ): जनता दल यूनाइटेड(जदयू) राष्ट्रीय अध्यक्ष और बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने रामनाथ कोविंद को समर्थन देकर न सिर्फ सोनिया गांधी बल्कि राजद सुप्रीमो लालू यादव को भी जोर का झटका दिया है। इस फैसले के बाद राजद गुस्से में है तो जदयू कह रही है कि उन्होंने कुछ गलत नही किया है।


बुद्धवार को जदयू ने ऐलान किया कि वो राष्ट्रपति उम्मीदवार के तौर पर रामनाथ कोविंद का समर्थन करेगी। हालांकि इसके संकेत नीतीश कुमार ने उसी दिन दे दिए थे जिस दिन वो रामनाथ कोविंद से मिलकर उन्हें बधाई दी थी। यह कोई पहला मौका नहीं है जब नीतीश ने अपने सहयोगियों को झटका दिया है। इससे पहले नोटबंदी और सर्जिकल स्ट्राइक में भी नीतीश ने भाजपा का समर्थन किया था। नीतीश कुमार के इस फैसले से राजद न केवल नाराज है बल्कि विपक्ष एकजुटता को लेकर परेशान भी है।


नीतीश ने इसलिए रामनाथ कोविंद का किया समर्थन


-रामनाथ कोविंद दलित कोटे से आते हैं।

 

-बिहार के राज्यपाल के तौर पर दो सालों का उनका कार्यकाल काफी अच्छा रहा।

 

-राज्य सरकार और केंद्र सरकार के बीच सामांजस्य बनाकर रखा।

 

-दो सालों में नीतीश कुमार से काफी अच्छे संबंध बन गए।

 

-नीतीश अपनी छवि को देखकर अपने सहयोगियों के साथ न जाना ही बेहतर समझा।

 

-प्रणव मुर्खजी को भी नीतीश ने NDA में रहकर ही समर्थन किया था।

 

-भविष्य की राजनीति को देखकर नीतीश चाहते हैं कि NDA का दरवाजा उनके लिए खुला रहे।

 

नीतीश हमेशा राजनीति में सेफ जॉन में ही रहना चाहते है।

 

नीतीश के रामनाथ कोविंद के समर्थन करने पर जदयू के प्रदेश अध्यक्ष वशिष्ठ नारायण सिंह ने सफाई दी और कहा कि हमने किसी के साथ कुछ गलत नहीं किया है। यह एक विचारधारा की बात है।