बिहार: इस लड़की की कहानी सुनकर रोने लगे सीएम नीतीश कुमार

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न्यूज 24 ब्यूरो, नई दिल्ली (27 नवंबर): बिहार के सुशासन बाबू ने एक बार फिर राज्य में शराब को लेकर कड़ा रुख अपनाया है। सीएम नीतीश ने साफ तौर से शराब पीने वालों से कहा है कि अगर वो शराब पीने का शौक रखते हैं तो वो बिहार में न आएं। इतना ही नहीं शराबबंदी के फैसले को लेकर अपनी पीठ थपथपाते हुए ये भी कहा कि कि शराबबंदी के बाद भी पर्यटकों की संख्या में कोई कमी नहीं आई है।

सुशासन बाबू ने आगे कहा कि बिहार में लोग मौज-मस्ती करने नहीं आते, बल्कि बुद्ध और गांधी की धरती को नमन करने के लिए आते हैं। गौरतलब है कि नीतीश कुमार ने  ऐसे लोगों को चेतावनी दी जो शराब पीने का शौक रखते हैं।

आपको बता दें कि नशा मुक्ति दिवस पर पटना में आयोजित कार्यक्रम में शराबबंदी को लेकर सख्त रवैया अख्तियार करते हुए नीतीश कुमार ने कहा कि दो दिन पहले हमने शराबबंदी की समीक्षा की थी। इस समीक्षा के दौरान पाया गया कि जिन अधिकारियों पर शराबबंदी को लागू करने का जिम्मा था, वे इस फैसले को सही तरीके से जमीनी तौर पर लागू नहीं करा पाए। नीतीश ने कहा कि पुलिसवाले बड़े शराब माफियाओं की जगह, ड्राइवर खलासी को पकड़ रहे हैं।

 सीएम ने अधिकारियों को चेताया कि दाएं-बाएं करने वाले सचेत हो जाएं, सब पर हमारी नजर है। नीतीश ने कहा कि उन्होंने आईजी मद्य निषेध को पूरे बिहार में कार्रवाई का निर्देश दिया है। वे शराबबंदी से जुड़े जिस किसी भी केस की समीक्षा करना चाहें, कर सकते हैं।

बिहार के सीएम नीतीश कुमार तब भावुक हो गए जब एक बच्ची ने उनसे ये कहा कि उसने अपने शराबी पिता को जेल भिजवा दिया तो हॉल में सन्नाटा छा गया। पटना में नशा मुक्ति दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में बाल किलकारी की सदस्य खुशी तिवारी ने अपनी दर्द भरी दास्तां कुछ ऐसे सुनाई कि हॉल में बैठे मुख्यमंत्री नीतीश कुमार भी भावुक हो गए12 वर्ष की खुशी पटना जिले की रहने वाली है, उसे सम्मानित भी किया गया।