गंडामन मिड-डे मील कांड: तत्कालीन प्रिंसिपल मीना देवी को दोषी करार

पटना (24 अगस्त): छपरा स्थित गंडामन के बहुचर्चित मिड-डे मील हादसे में कोर्ट ने अपना फैसला सुनाते हुए तत्कालीन प्रिंसिपल मीना देवी को दोषी करार दिया है। वहीं दूसरी ओर मीना के पति अर्जुन राय को कोर्ट ने बरी कर दिया है।

16 जुलाई 2013 को हुई इस घटना में 23 बच्चों की विषाक्त मिड-डे मिल खाने से मौत हो गयी थी। इससे पूर्व 11 अगस्त को इस मामले में अंतिम बहस हुई थी और छपरा कोर्ट के एडीजी दो विजय आनंद तिवारी के कोर्ट में अभियोजन पक्ष से पीपी सुरेंद्र सिंह व उनके सहायक समीर कुमार मिश्र ने मामले में निर्णय लेने का अनुरोध किया था।

बचाव पक्ष के अधिवक्ता भोला प्रसाद व नरेश प्रसाद ने 11 अगस्त को अपने लिखित बहस को कोर्ट में प्रस्तुत करते हुए जजमेंट पोस्ट करने का आग्रह कोर्ट से किया था। उसी दिन मामले में 24 अगस्त को फैसले की तिथि निर्धारित की गयी थी।

क्या था मामला... - तीन साल पहले 16 जुलाई 2013 को धर्मासती गंडामन स्कूल में विषाक्त भोजन करने से 23 बच्चों की मौत हो गयी थी। - इस मामले में एक रसोईया व 24 बच्चे एक माह तक पीएमसीएच में जिंदगी से लड़ते रहे। - मृतक आशीष के पिता अखिलानंद मिश्र के बयान पर धर्मासती गंडामन स्कूल की तत्कालीन प्रधानाध्यापिका मीना देवी के खिलाफ मशरक थाने में प्राथमिकी दर्ज करायी गयी थी। - मीना देवी के पति अर्जुन राय को भी आरोपित बनाया गया था। - घटना के सात दिनों बाद एसआईटी ने मीना देवी को गिरफ्तार कर लिया था और अर्जुन राय ने कोर्ट में सरेंडर किया था।