बिहार में हड़ताल पर सरकारी अस्पतालों के डॉक्टर, मरीज बेहाल

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न्यूज 24 ब्यूरो, नई दिल्ली (21नवंबर): 
बिहार के अधिकांश सरकारी अस्पतालों के ओपीडी में आज ताले नजर आए। भोजपुर जिले में मंगलवार शाम डीएम आवास में डॉक्टर टीए अंसारी की पिटाई के विरोध में बिहार हेल्थ सर्विस एसोसिएशन ने स्वास्थ्य सेवा ठप करने का ऐलान कर दिया है। बिहार के सभी सरकारी अस्पतालों में आज ओपोडी नहीं खुली। हालांकि इमेरजेंसी सेवा जारी रही। सुबह मरीज आए पर ओपीडी न चलने की वजह से वापस लौट गए। डॉक्टरों का कहना है कि अगर जल्द की आरा डीएम पर कार्रवाई नहीं की गई तो वे अनिश्चित कालीन हड़ताल पर चले जाएंगे।

इधर, सूबे के सबसे पड़े अस्पताल पीएमसीएच में रोजाना की तरफ बुधवार को ही सुबह से भीड़ जुटने लगी। प्राथमिक इलाज कराने के लिए काफी संख्या में अस्पताल परिसर में मरीज आए, मगर उन्हें डॉक्टरों के विरोध का अंदाजा नहीं था। ओपीडी के ताले ही नहीं खुले। उम्मीद लगाए मरीज बड़ी देर तक इंतजार करते रहे पर ओपीडी नहीं खुली। मरीज अस्पताल प्रशासन से ओपीडी न खुलने की वजह पूछते रहे। यही स्थिति एनएमसीएच, गार्डिनर रोड अस्पताल, गर्दनीबाग अस्पताल, राजवंशी नगर अस्पताल, श्री गुरु गोविंद सिंह सदर अस्पताल में भी दिखने को मिली। यहां भी ओपीडी नहीं चली।

डॉक्टरों का आरोप है कि मारपीट डीएम के आदेश पर की गई है। विदित हो कि आरा में डीएम ने सदर अस्पताल के चिकित्सकों को वीसी से हाजिरी लगाने का आदेश दिया था। मंगलवार को दो बजे के बाद इमरजेंसी वार्ड में दूसरी शिफ्ट चल रही थी। भासा के संयुक्त सचिव डॉ. अंसारी ड्यूटी पर थे। उन्हें भी हाजिरी लगाने का आदेश दिया गया, लेकिन मरीजों का हवाला देकर उन्होंने ऐसा करने से इन्कार कर दिया। इसके बाद डीएम के अंगरक्षक इमरजेंसी कक्ष पहुंचे और डॉ. अंसारी का हाथ पकड़ उन्हें गाड़ी में बिठाने लगे। यह देख अन्य चिकित्सक भड़क गए। नोकझोंक के बाद डॉ. अंसारी दो अन्य डॉक्टरों के साथ अपनी कार से डीएम आवास गए। भासा के कार्यकारी अध्यक्ष डॉ. अरुण कुमार व सचिव डॉ. नरेश प्रसाद ने आरोप लगाया कि डीएम आवास में कार्यालय के बाहर वे के नेताओं को मोबाइल पर मामले की जानकारी दे रहे थे। इसी बीच सिपाही मोबाइल छीनते हुए उन्हें पीटने लगे। जबकि डीएम डॉ. संजीव कुमार मारपीट की घटना से इन्कार कर रहे हैं।