135 बच्चों की मौत के बाद अस्पताल पहुंचे सीएम, लगे नीतीश वापस जाओ के नारे

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न्यूज 24 ब्यूरो, नई दिल्ली(18 जून): बिहार में चमकी बुखार का कहर जारी है, अब तक 135 बच्चे मौत के गाल में समा चुके हैं। दूसरी तरफ मौत का शतक होने के बाद नीतीश सरकार की नींद टूटी है। राज्य के मुखिया नीतीश कुमार जब अस्पताल का जायजा लेने पहुंचे तो वहां उन्हें लोगों के भारी विरोध का सामना करना पड़ा है। वहां लोगों ने नीतीश वापस जाओ के नारे लगाए।सरकार एक्शन का दावा कर रही है तो वहीं अभी भी अस्पतालों में भर्ती बीमार बच्चों की संख्या बढ़कर 414 हो गई है। चमकी बुखार से पीड़ित ज्यादातर मरीज मुजफ्फरपुर के सरकारी श्रीकृष्णा मेडिकल कॉलेज एंड अस्पताल  और केजरीवाल अस्पताल में एडमिट हैं।अब तक एसकेएमसीएच हॉस्पिटल में 89 और केजरीवाल अस्पताल में 19 बच्चों की मौत हो चुकी है। वहीं चमकी बुखार पर मचे सियासी बवाल के बीच मुख्यमंत्री नीतीश कुमार आज (मंगलवार) मुजफ्फरपुर के एसकेएमसीएच हॉस्पिटल पहुंचे और हालात का जायजा लिया।

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन और बिहार के स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडे के खिलाफ बीमारी से पहले एक्शन नहीं लेने के आरोप में केस दर्ज हुआ है। बच्चों की मौत पर मानवाधिकार आयोग ने केंद्र और राज्य सरकार को नोटिस भेजा है। वहीं, राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने मुजफ्फरपुर जिले में इंसेफेलाइटिस वायरस की वजह से बच्चों की मौत की बढ़ती संख्या पर सोमवार को केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय और बिहार सरकार से रिपोर्ट दाखिल करने के लिए एक नोटिस जारी किया है।

मानवधिकार आयोग ने कहा कि सोमवार को बिहार में एईएस से मरने वाले बच्चों की संख्या बढ़कर 100 से ज्यादा हो गई है और राज्य के अन्य जिले भी इससे प्रभावित हैं। इसके साथ ही आयोग ने इंसेफेलाइटिस वायरस और चमकी बुखार की रोकथाम के लिए उठाए गए कदमों की स्टेटस रिपोर्ट भी मांगी है। मानवाधिकार आयोग ने चार हफ्तों में जवाब मांगा है

चमकी बुखार से 12 जिले प्रभावित

नीतीश कुमार की बैठक में फैसला किया गया कि चमकी से प्रभावित बच्चों को निशुल्क एंबुलेंस मुहैया कराई जाएगी और पूरे इलाज का खर्च सरकार उठाएगी। वहीं, इस बीमारी से मरने वालों के परिजनों को 4 लाख रुपये मुआवजा दिया जाएगा। स्वास्थ्य विभाग के प्रधान सचिव संजय कुमार ने कहा कि चमकी बुखार से बिहार के कुल 12 जिले के 222 प्रखंड प्रभावित हैं, लेकिन इनमें से 75 प्रतिशत केस मुजफ्फरपुर में हैं।

बता दें कि पूर्व केंद्रीय मंत्री उपेंद्र सिंह कुशवाहा ने भी सोमवार को अस्पताल का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि 5 साल पहले भी केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने जांच का ऐलान और 100 बेड के सुपर स्पेशलिटी वाले यूनिट के निर्माण का ऐलान किया था। 2014 में 379 बच्चों की मौत हुई थी।