एक गैंगस्टर के लिए चला अब तक सबसे बड़ा अभियान

नई दिल्ली (14 जुलाई): एक गैंगस्टर के लिए अब तक सबसे बड़ा अभियान चलाया गया। वह शहर दर शहर अपना ठिकाना बदलता रहा। हर शहर के साथ बदल जाती थी उसकी पहचान। कभी वो पत्रकार बन जाता था तो कभी पुलिस वाला तो कभी इंजिनियर तो कभी साधू। वह शहर बदलता रहा जबकि उसके पीछे पड़ी पुलिस उसकी तलाश में भटकती रही और आज पूरे पांच महीने 17  दिन के बाद यह शातिर पुलिस के कब्जे में आया। नाम है- मुकेश पाठक।

इसकी तलाश में एसटीएफ़ ने देश के आठ राज्यों में अपना अभियान चलाया था। इससे पहले किसी भी अपराध की तलाश में इतना बड़ा अभियान नहीं चलाया गया था। आप जानकार हैरान रह जायेंगे की शख्स ने फरारी की अवधि के दौरान 300 सिम कार्ड का इस्तेमाल किया था। तकनीक के मामले में शातिर इस शख्स ने एसटीएफ़ को भी पानी पिला दिया था। 

गिरफ़्तारी के बाद इसकी निशानदेही पर शिवहर से पुलिस ने इसका एक एके47 रायफल और एक विदेशी पिस्टल के साथ पचास राउंड गोलियां बरामद की है। मुकेश पाठक ने यह भी खुलासा किया है की वह दरभंगा में दो इंजीनियरों की हत्या के बाद बिहार सरकार के एक मंत्री की लाल बती वाली कार से नेपाल गया था। हालांकि पुलिस अभी उस मंत्री का नाम नहीं खोल रही है।