RAJINI CRAZE : एक भाई ने खा लिया ज़हर, दूसरे ने बेच दिया घर

चेन्नई (25 जुलाई) :  रजनीकांत का जवाब नहीं। तो उनके फैंस भी अद्भुत हैं। यहां रजनीकांत के जबर्दस्त फैन दो सगे भाइयों के बारे में बताने जा रहे हैं। इन दो भाइयों के नाम हैं गोपीराजा और रजनीराजा। दोनों रजनीकांत की अब तक रिलीज सभी 159 फिल्मों को इन दोनों भाइयों ने देखा है। छोटे भाई रजनीराजा ने रजनीकांत को किडनी देने के लिए ज़हर खा लिया था। वहीं बड़े भाई गोपीराजा ने अपने 'भगवान'  के लिए घर और पत्नी के गहने तक बेच डाले।

बता दें कि 2011 में रजनीकांत किडनी की बीमारी के चलते सिंगापुर के एलिजाबेथ हॉस्पिटल में भर्ती थे तब गोपी के छोटे भाई रजनीराजा ने अपनी किडनी देने का फैसला लिया। घरवालों के मना करने पर रजनीराजा ने ज़हर खा लिया। रजनीराजा को कोयम्बटूर के हॉस्पिटल में बड़ी मुश्किल से बचाया जा सका। रजनीराजा के मुताबिक ज़हर खाने के दो दिन पहले से उन्हें बहुत रोना आ रहा था। रजनीराजा से जब डॉक्टर ने जहर खाने के बारे में पूछा तो उन्होंने कहा कि वो अपनी जिंदगी खत्म करना चाहता था। ताकि मरने के लिए उसकी किडनी भगवान रजनीकांत को डोनेट हो सके और वो जल्द ठीक हो जाएं। इस घटना के 5 महीने बाद रजनीकांत ने अपने इस फैन को मिलने के लिए भी बुलाया था।

(गोपीराजा मध्य में और रजनीराजा बाएं) 

उधर, बड़े भाई गोपीराजा को उनके पिता ने रजनीकांत की मूवी के जूनून को देखते हुए घर से निकाल दिया था। गोपी के मुताबिक वो रजनीकांत की हर फिल्म रिलीज पर अपने शहर के हजार गरीब लोगों को लाकर चेन्नई में मूवी दिखाते हैं। इस बार भी कबाली के लिए उसने ऐसा ही किया। इसे वो अपने भगवान रजनीकांत का आशीर्वाद मानते हैं। एक हज़ार लोगों को कई साल से मूवी दिखाने के चलते उस पर 1.5 लाख रुपए का कर्ज भी हो गया था। ब्याज सहित ये अमाउंट 2.5 लाख हो गया था। इसे चुकाने के लिए पहले उसने अपनी पत्नी के गहने और बाद में घर बेच दिया। आज गोपी किराए पर रहते हैं।