नर्मदा पुनर्वास: आज छोड़ने हैं गांव, सरकार नहीं बना पाई घर और शौचालय


नई दिल्ली (31 जुलाई): नर्मदा परियोजना के तहत मध्य प्रदेश सरकार ने 1800 परिवारों को आज गांव छोड़ने के लिए कह दिया है। लेकिन इन सबके बीच प्रदेश सरकार की एक बड़ी लापरवाही सामने आई है। सरकार की तरफ से 260 परिवारों के लिए बनाए जा रहे टीन शेड के घरों को बनाने का काम भी पूरा नहीं हुआ है।

प्रदेश सरकार की तरफ से जिस कंपनी को यह काम सौंपा गया, उसे 7 जुलाई को यह काम मिला। इस काम के लिए सूरत की इस कंपनी को 30 जुलाई तक की डेडलाइन दी गई थी ताकि कागजी प्लान के मुताबिक 31 जुलाई से लोग यहां रहने आ सकें। लेकिन अभी शौचालय की सीटें भी पूरी तरह नहीं लग पाई हैं। मेन रोड से यह जगह तीन किलोमीटर दूर इस जगह पर कीचड़ होने के कारण रास्ते पर आना-जाना ही संभव नहीं है।

इसके अलावा यहां पर आने के लिए जो पुलिया है, वह भी बारिश में डूब गई है। यहीं नहीं जो प्लॉट विस्थापितों को दिए गए थे, वे बारिश में ही डूबे देखे गए। सरकार के रवैए से नाराज लोगों की मांग है कि पानी का स्तर तब तक 122 मीटर पर ही रहे, जब तक सुप्रीम कोर्ट के आदेश के मुताबिक डूब में आने वाले हरेक परिवार का सही पुनर्वास न हो जाए। यहां किसी को कोई हड़बड़ी नहीं है।