बड़ी खबरः जिओ4जी के नाम पर फर्जीबाड़े का भाण्डाफोड़

नई दिल्ली (18 फरवरी): ग्राहकों से पहचान के प्रमाण के रूप में ली गयी आधार कार्ड की प्रति और अंगूठे की छाप के दुरपयोग से रिलायंस जियो की मुफ्त सिम बेचने के गोरखधंधे का भंडाफोड़ करते हुए पुलिस की अपराध शाखा ने इंदौर में छह लोगों को धर दबोचा।पुलिस के मुताबिक  राम हेमनानी , नीरज नंदवाल , दीप वाधवानी , सुनील चौहान, रंजीत सिंह भाटी और प्रवीण राठौर  को गिरफ्तार किया गया। 

इन सेल्समैन के कब्जे से रिलायंस जियो की 346 सिम जब्त की गयीं जिनमें पहले से सक्रिय प्री-एक्टिवेटेड 14 सिम शामिल हैं। इनसे चार थम्ब इम्प्रेशन मशीनें भी जब्त की गयी हैं। एएसपी ने बताया कि ग्राहकों द्वारा अपनी पहचान के प्रमाण के रूप में दी जाने वाली आधार कार्ड की प्रति और अंगूठे की छाप का दुरपयोग कर आरोपी रिलायंस जियो की मुफ्त सिम को 100 से 1,000 रपये के बीच बेच रहे थे।

 

आरोपी आधार कार्ड की प्रति में दर्ज अंगूठे की छाप से मिलान के लिये ग्राहकों से थम्ब इम्प्रेशन मशीन पर एक से ज्यादा बार अंगूठा लगवाते थे। वे ग्राहक को एक मुफ्त सिम तो दे देते थे। लेकिन उसके रीटेल स्टॉल से जाने के बाद उसके आधार कार्ड की प्रति और अंगूठे की छलपूर्वक ली गयी अन्य छापों के आधार पर दूसरे सिम कार्ड सक्रिय एक्टिवेट कर लेते थे। ये सक्रिय सिम कार्ड दूसरे ग्राहकों को उनकी पहचान के दस्तावेज लिये बगैर मनमाने दामों पर बेच दिये जाते थे।’

उन्होंने बताया कि पुलिस छानबीन कर रही है कि फर्जी तरीके से बेची गयी मोबाइल सिम का खरीदारों ने आपराधिक दुरपयोग तो नहीं किया है। मामले में रिलायंस जियो के स्थानीय प्रतिनिधियों की संदिग्ध भूमिका की भी जांच की जा रही है।