बिल्डरों की मनमानी से मिली 'आज़ादी', रियल एस्टेट बिल पास

मनीष कुमार, नई दिल्ली (10 मार्च): घर खरीदने के दौरान बिल्डरों की मनमानी से परेशान करोड़ों लोगों के लिए आज खुशखबरी आई। क्योंकि लंबे वक्त से पास होने का इंतजार कर रहे रियल एस्टेट बिल पर आज राज्यसभा में मुहर लग गई। इस बिल के पास होने से बिल्डरों पर जहां लगाम लगेगी, वहीं घर और जमीन खरीदने के कई नियमों में भी बदलाव होगा।

चमचमाते होर्डिंग्स में बड़े-बड़े दावों वाले विज्ञापन के जाल में फंसाकर देश के आम लोगों के घर खरीदने के सपनों का सौदा करने वाले बिल्डर अब अपनी मनमानी नहीं चला पाएंगे। क्योंकि अब देश के ऐसे करोड़ों लोगों के लिए राज्यसभा से आज खुशखबरी आई है। जहां रियल एस्टेट बिल पास हो गया।

इस बिल के पास होने से क्या क्या चीजें बदलेंगीं:

1- अब 500 वर्ग मीटर एरिया या आठ फ्लैट वाले प्रोजेक्ट को भी रेग्युलेटरी अथॉरिटी के साथ रजिस्टर कराना होगा। पहले 1000 स्क्वायर मीटर वाले प्रोजेक्ट ही नियम के दायरे में आते थे।

2- बिना रजिस्ट्रेशन के कोई भी प्रोजेक्ट लांच नहीं हो सकेगा और ना ही बिल्डर उसका विज्ञापन निकाल सकेंगे।

3- भ्रामक विज्ञापन दिखाने वाले बिल्डरों को सजा मिलेगी।

4- बिल्डर को एडवांस रकम का 70 फीसदी अलग अकाउंट में जमा करना होगा।

5- ग्रीमेंट ऑफ सेल की जगह एग्रीमेंट फॉर सेल लिखा जाएगा।

6- कारपेट एरिया में ग्राहक जितना जगह इस्तेमाल करता है उतनी ही जगह का जिक्र होगा।

7- पेमेंट में देरी होने की स्थिति में जिस ब्याज़ दर से ग्राहक बिल्डर को भुगतान करता है, घर की पजेशन में देरी पर बिल्डर भी उसी ब्याज दर से ग्राहक को भुगतान करेगा।

8- बिल्डर से परेशान घर के खरीदार अब केवल अथॉरिटी के पास नहीं बल्कि देश में मौजूद 644 कंज्यूमर अदालत का भी दरवाजा खटखटा सकेंगे।

9- घर में पजेशन के बाद 5 सालों तक टूटफूट ठीक करने की जिम्मेदारी बिल्डर्स की होगी।

10- नियमों की उल्लंघन पर बिल में बिल्डरों के लिए तीन साल की सजा का भी प्रावधान है।

रियल एस्टेट बिल के लिए बनी सेलेक्ट कमेटी के अध्यक्ष अनिल माधव दवे ने एक बड़ी बात भी बताई। उन्होंने कहा कि इस बिल को पास होने से रोकने के लिए बड़ी ताकतें काम कर रही थीं। केसी त्यागी ने मांग की है कि उन सितारों पर भी केस होना चाहिए तो बिल्डर्स के झूठे दावों का विज्ञापन करते हैं। चार महीने पहले रियल एस्टेट बिल पर मोदी कैबिनेट ने मुहर लगाई थी, लेकिन तब विपक्ष के विरोध की वजह से ये बिल पास नहीं हो सका था। रियल एस्टेट बिल के पास होने से बिल्डरों की मनमानी और रियल एस्टेट सौदों की धोखाधड़ी पर लगाम लगने की उम्मीद है।