बिग कैट, निंजा फॉक्स के नाम से काम करते थे आईएस आतंकी

नई दिल्ली (1 मार्च):  गुजरात आतंकवाद निरोधी( एटीएस ) ने राजकोट और भावनगर से दो आईएस संदिग्धों को गिरफ्तार किया है। ये आईएस की आंतकी विचारधारा से पूरी तरह प्रभावित होकर अपने हैंडलर्स के कहने पर गुजरात में बड़ी आतंकी वारदात को अंजाम देने के लिए पहुंचे थे। अब गुजरात एटीएस ने इस मामले खुलासा किया है और कहा है कि आईएस से जुड़े दोनों संदिग्धों का हैंडलर भारत का ही हो सकता है।

एटीएस ने बताया कि दोनों भाई अज्ञात हैंडलर से हिंदी में निर्देश ले रहे थे, इसलिए इसकी प्रबल संभावना है कि उनके आका हिंदुस्तान में ही हैं। टेलीफोन संदेश से यह पता चला है कि वसीम को हैंडलर बार-बार बड़े हमले और काफिरों की हत्या के लिए उकसाता रहता था।

गुजरात एटीएस ने बड़ी आतंकी साजिश को नाकाम करते हुए वसीम और नईम को राजकोट और भावनगर से रविवार को गिरफ्तार किया था। एटीएस ने खुलासा किया है कि दोनों अकेले दम पर कहर बरपाने के बाद सीरिया भागने की योजना बना रहे थे। दोनों के खिलाफ दर्ज एफआईआर के मुताबिक उनकी कॉल डिटेल से इस बात का पता चला है कि मुफ्ती अब्दुस समी कासमी (आईएस का विवादित उपदेशक) द्वारा इस्तेमाल किया जाने वाला मोबाइल वसीम रामोदिया के नाम और नेहरू नगर, स्ट्रीट 2, रैया रोड, राजकोट, गुजरात के पते पर दर्ज है।

सर्विलांस से यह भी पता चला है कि वसीम जिस अज्ञात हैंडलर से निर्देश प्राप्त करता था वह ऑनलाइन प्रोफाइल पर ‘बिग कैट’ के नाम से दर्ज है। वसीम निंजा फॉक्स के नाम से फर्जी आईडी बना रखी थी। दोनों में संदेशों का आदान-प्रदान हिंदी में होता था जिससे एटीएस को संदेह है कि हैंडलर दक्षिण एशियाई था और संभवत: भारतीय था।

एफआईआर के मुताबिक टेलीफोन संदेश से यह पता चला है कि वसीम को हैंडलर बार-बार बड़े हमले और काफिरों की हत्या के लिए उकसाता रहता था।

सर्विलांस से यह भी पता चला है कि वसीम जिस अज्ञात हैंडलर से निर्देश प्राप्त करता था वह ऑनलाइन प्रोफाइल पर ‘बिग कैट’ के नाम से दर्ज है।

एफआईआर के मुताबिक टेलीफोन संदेश से यह पता चला है कि वसीम को हैंडलर बार-बार बड़े हमले और काफिरों की हत्या के लिए उकसाता रहता था।