चश्मदीद ने खोला सिमी आतंकवादियों के एनकाउंटर का राज

नई दिल्ली ( 31 अक्टूबर ) : मध्य प्रदेश की सेंट्रल जेल से भागे सिमी के 8 संदिग्ध आतंकियों के एनकाउंटर पर कुछ राजनीतिक दलों ने सवाल उठाने शुरू कर दिए हैं। सवाल उठाने वालों में कांग्रेस, आप और ओवैसी ने इस पर सवाल उठाया है।  इस बीच, एनकाउंटर का एक चश्मदीद सामने आया है, जिसने पूरी घटना की जानकारी दी है। इस चश्मदीद का नाम मोहन सिंह मीणा है, जो खेड़ादेव पंचायत के सरपंच हैं। मोहन के मुताबिक, उनके फोन करने के बाद ही पुलिस मौके पर पहुंची और संदिग्ध आतंकियों को मार गिराया गया। पुलिस की कार्रवाई से खुश मोहन ने कहा, असली दिवाली तो आज मनी है, देश के दुश्मन मारे गए हैं।

पुलिस ने सुबह आकर किया अलर्ट  

मोहन ने बताया कि सोमवार सुबह पुलिस ने उनके घर आकर बताया कि भोपाल जेल से कुछ आतंकी भागे हैं, इसलिए वह क्षेत्र के लोगों को फोन करके इस बात की जानकारी दे दें। पुलिस ने उन्हें कहा कि अगर कोई संदिग्ध दिखता है तो उनके गांव के लोग तुंरत इस बात की जानकारी दें। मोहन के मुताबिक, गांव वालों से पूछने पर पता चला कि कुछ संदिग्ध लोग वहां नजर आए हैं। खेतों में पानी देने वाले लोगों ने इन आतंकादियों को देखा।

उनके पास थी लाठी, दे रहे थे गोली मारने की धमकी 

मोहन ने आगे बताया कि वह अपने दोस्त सूरज सिंह के साथ गाड़ी में बैठकर संदिग्धों की तलाश में आसपास के इलाके में निकले। मोहन के मुताबिक, उन्होंने नदी से कुछ लोगों को निकलते देखा। बाद में शक होने पर वहां मौजूद एक गांव वाले को कहा कि वे अन्य गांव वालों को लेकर मौके पर पहुंचे। मोहन के मुताबिक, सभी संदिग्ध ऐसी भाषा बोल रहे थे जो उनकी समझ में नहीं आया। वे डेढ़ किमी तक उनके पीछे आए। उनके पास लाठियां थीं और पीठ पर कपड़े टंगे थे। रोकने की कोशिश करने पर गोली मारने की धमकी दी। इसके बाद, मोहन ने पुलिस को फोन किया।

पुलिस पर भी फेंके पत्थर

मोहन ने कहा, उन्होंने तुरंत पुलिस को जानकारी दी, जिसके बाद पुलिसवाले 20 से 25 मिनट के अंदर आ गए। मोहन के मुताबिक, पुलिसवालों ने जब संदिग्धों को सरेंडर करने के लिए कहा तो वे नारे लगाने लगे। हालांकि, समझ नहीं आया कि वे क्या बोल रहे थे। मोहन ने यह भी कहा कि पुलिसवालों ने हवाई फायरिंग करके चेतावनी दी, लेकिन संदिग्ध पुलिस पर पत्थर फेंकने लगे। उन्हें मरने का कोई डर नहीं था। मोहन के मुताबिक, पुलिस का एनकाउंटर आधे घंटे तक चला। पुलिस ने तीन ओर से घेरकर कार्रवाई की।