पिता से मिलने जेल गए बच्चों के चेहरे पर लगाई मुहर


नई दिल्ली (8 अगस्त): अभी तक आपके पुलिस द्वारा रिश्वत लेने और बेरहमी से पिटाई का वीडियो ही देखा होगा, लेकिन मध्यप्रदेश के भोपाल से ऐसी खबर सामने आई है जिनमें पुलिसकर्मियों ने मानवता को शर्मसार करने का काम किया है। खबर के अनुसार, रक्षाबंधन के दिन दो बच्चे अपने पिता से मिलने जेल गए तो जेल के स्टाफ ने उनके मुंह पर ही मुहर का निशान लगा दिया।

हालांकि मामले सुर्खियों में आने के बाद एडीजी, जेल गाजीराम मीणा ने पूरे मामले की जांच के आदेश दिए हैं। जेल मंत्री कुसुम मेंहदेले ने भी जांच कराने की बात कही है, लेकिन सेंट्रल जेल के अधीक्षक दिनेश नरवरे यह मानने को तैयार नही हैं कि बच्चों के मुंह पर मुहर लगा कर उनके स्टाफ ने कोई गलती की है। आमतौर पर जेल में कैदियों से मिलने आने वाले लोगों के हाथों पर मुहर लगाने की परंपरा है, लेकिन इन दो मासूमों के चेहरे पर ही मुहर लगा दी।

मामला सामने आने के बाद एडीजी जेल गाजीराम मीणा ने डीआईजी जेल को पूरे मामले की जांच करने को कहा है। मीणा ने यह माना है कि जेल मैन्युअल में इस तरह का कोई प्रावधान नहीं है कि कैदी से मुलाकात करने आने वाले व्यक्ति के शरीर पर कोई मुहर लगाई जाए, लेकिन फिर भी जेलों में यह परंपरा रही है। उन्होंने कहा, 'आमतौर पर हाथ पर ही कोई भी निशान या मुहर लगाई जाती है। बच्चों के मुंह पर मोहर लगाया जाना पूरी तरह से गलत है। मैंने इसकी जांच के आदेश दे दिए है। जो भी व्यक्ति दोषी पाया जायेगा उसके खिलाफ कार्रवाई करेंगे।'