3 लेयर लेजर से होगी सेंट्रल जेल की निगरानी

भोपाल (1 मई): सिमी के 8 आतंकियों द्वारा भोपाल सेंट्रल जेल से भागने के बाद सरकार ने एक बड़ा कदम उठाने का निर्णय लिया है। सरकार अब बैरकों के बाहर आधुनिक तकनीक के सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे। इनका इस्तेमाल खूंखार बंदियों की लेजर लेयर से निगरानी में होगा।


बंदियों पर नजर रखने का सबसे आधुनिक तरीका है, जो अब तक अमेरिका और इजराइल की जेलों में ही लागू हुआ है। लेजर किरणों से बंदियों के मूवमेंट का पता अधीक्षक को चलता रहेगा। बंदियों की बैरक के बाहर कैमरों से लेजर लेयर रहेगी, जिसमें तीन लेयर काम करेंगी।


बायोमैट्रिक्स मशीन से लेंगे फिंगर प्रिंट, तैयार होगा डेटा

सेंट्रलजेल में बायोमैट्रिक्स मशीन लगाई जा रही है। जिसमें जेलकर्मियों के अलावा बंदियों के फिंगर प्रिंट लिए जाएंगे। पेशी पर जाने-आने वाले बंदियों को थंब इंप्रेशन देना होगा। मुख्यालय में बैठे अफसर भी देख सकेंगे कि कितने बंदी जेल से बाहर गए या जेल में आए। इससे बंदियों के फिंगर प्रिंट का डेटा भी तैयार होगा।


जल्द होगी डिजिटल फेंसिंग

जेल एडीजी जीआर मीणा ने बताया कि सेंट्रलजेल में डिजिटल फेंसिंग का काम जल्द पूरा हो जाएगा। साथ ही बैरकों की निगरानी लेजर लेयर से होगी। इसके लिए आधुनिक सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे। यह काम सितंबर-अक्टूबर तक पूरा हो जाएगा।