BHIM एप की गूगल प्‍ले स्‍टोर पर बनीं कॉपी, ऐसे पहचानें असली-नकली

नई दिल्ली ( 4 जनवरी ): मोदी सरकार नोटबंदी के बाद से कैशलेस इकोनॉमी को बढ़ावा देने के लिए तरह-तरह के उपाय कर रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कैशलेस इकोनॉमी को बढ़ावा देने के लिए 30 दिसंबर को BHIM एप लॉन्च की थी। दो ही दिन के अंदर यह गूगल के प्ले स्टोर से सबसे ज्यादा डाउनलोड की जाने वाली एप्स में शामिल हो गई है।

मगर, अब लोगों के सामने एक नई समस्या खड़ी हो गई है। कुछ डेवलपर्स ने इससे मिलती-जुलती एप्स बनाकर विभिन्न पोर्टल्स और प्ले स्टोर पर डाल दी हैं। लोगों को समझ नहीं आ रहा है कि असली एप कौन सी है और नकली एप कौन सी है। प्ले स्टोर पर Bhim payment updater 2017, Modi Bhim, *99# BHIM UPI Bank No internet जैसी कई एप्स मौजूद हैं।

कुछ एप्स में असली BHIM एप के इस्तेमाल और असली एप डाउनलोड करने का लिंक तक दिया गया है। ऐसे में बड़ा सवाल यह उठता है कि असली और नकली एप को कैसे पहचानें। BHIM एप सरकार के पुराने यूपीआई (यूनिफाइड पेमेंट इंटरफेस) और यूएसएसडी (अस्ट्रक्चर्ड सप्लीमेंट्री सर्विस डाटा) का ही नया रूप है। इसके इस्तेमाल के लिए मोबाइल बैंकिंग की जरूरत नहीं है। सिर्फ मोबाइल नंबर बैंक खाते से लिंक होना चाहिए।

BHIM एप को National Payments Corporation of India (NPCI) ने डेवलप किया है। उसका आधिकारिक ट्विटर हैंडल NPCI_BHIM, जो अभी तक अनवेरिफाइड है। ऐसे में यदि आप BHIM एप डाउनलोड करना चाहते हैं, तो आधिकारिक गूगल प्ले स्टोर से ही करें। किसी थर्ड-पार्टी एप स्टोर का सहारा न लें।

BHIM एप के डेवलपर NPCI की पुष्टि करने के बाद ही एप डाउनलोड करें। कोई भी एप जिसमें “gov.in” द्वारा डेवलप किए जाने का दावा किया गया है, वह फर्जी है। इससे आपके डाटा, मोबाइल बैंकिंग के यूजर आईडी और पासवर्ड के चोरी होने का खतरा रहता है।