जानिए कौन थे भय्यूजी महाराज, पीएम मोदी, शिवराज से लेकर कई बड़े नेताओं के थे करीबी

न्यूज24 ब्यूरो, नई दिल्ली ( 12 जून ): कथावाचक भय्यू जी महाराज ने इंदौर में खुद को गोली मारकर मंगलवार को आत्महत्या कर ली। उनको गोली लगने के बाद इंदौर के बॉम्बे अस्पताल में भर्ती कराया गया था, लेकिन उनकी मौत हो गई। उन्हें कुछ महीने पहले ही मध्य प्रदेश की शिवराज सिंह सरकार ने राज्यमंत्री का दर्जा प्रदान किया था। लेकिन उन्होंने कार व अन्य सुविधाएं लेने से इनकार कर दिया था. भय्यू महाराज का जन्म 1968 में हुआ था। उनका असली नाम उदय सिंह देशमुख है। वे शुजालपुर के जमींदार परिवार से आते हैं। 2017 में वे ग्वालियर की डॉ. आयुषी शर्मा के साथ शादी की थी जिसके बाद सुर्खियों में आए थे। उन्होंने एक कपड़े के ब्रांड के लिए मॉडलिंग भी की थी। उनको देशभर में लाखों मानने वाले हैं। उन्हें हाईप्रोफाइल संत भी कहा जाता है। इसके पीछे वजह यह कि उनके देश के दिग्गज राजनेताओं से संपर्क हैं।प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत, राष्ट्रपति प्रतिभा पाटिल, शिवसेना के उद्धव ठाकरे, मनसे के राज ठाकरे, लता मंगेशकर, आशा भोंसले, अनुराधा पौडवाल समेत कई हस्तियां उनके जुड़ी हुई हैं।भय्यू जी महाराज उस समय चर्चा में आए थे जब 2011 में अन्ना हजारे के अनशन को खत्म करवाने के लिए तत्कालीन केंद्र सरकार ने उन्हें अपना दूत बनाकर भेजा था। इसी के बाद ही अन्ना ने उनके हाथ से जूस पीकर अनशन तोड़ा था।वहीं पीएम बनने के पहले गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में मोदी सद्भावना उपवास पर बैठे थे। उपवास को तुड़वाने के लिए उन्होंने भय्यू महाराज को आमंत्रित किया था।भय्यु महाराज का सदगुरु दत्त धार्मिक ट्रस्ट नाम का ट्रस्ट भी चलता है. अपने ट्रस्ट के जरिए वह स्कॉलरशिप बांटते हैं। कैदियों के बच्चों को पढ़ाते हैं. किसानों को खाद-बीज मुफ्त बांटते हैं। वहीं, मर्सडीज जैसी महंगी गाड़ियों में चलने वाले भय्यू महाराज रॉलेक्स ब्रांड की घड़ी पहनते हैं। आलीशान भवन में रहते हैं।