महाकाल की भस्म आरती का हर राज?

आनंद निगम, उज्जैन (25 अप्रैल): पूरी दुनिया में सिर्फ महाकाल में ही भस्म आरती होती है। मतलब भगवान शिव का भस्म से श्रृंगार। शिव जितने सरल हैं, उतने ही रहस्यमयी भी। भोलेनाथ का रहन-सहन सभी देवताओं से एकदम अलग है, वो अपने शरीर पर भस्म लगाए रहते हैं। लेकिन इन दिनों महाकाल की भस्म आरती पर महाभारत चल रही है।

दुनिया के ज्यादातर लोग यही जानते हैं कि महाकाल की भस्म आरती में चिता की राख इस्तेमाल होती है। उज्जैन के ज्यादातर लोग भी यही जानते हैं, लेकिन राज की बात ये है कि महाकाल की भस्म आरती में उपले और लकड़ी की राख इस्तेमाल होती है। जिसका सिंहस्थ में पहुंचे अघोरी तांत्रिक विरोध कर रहे हैं और फिर से चिता की राख से महाकाल की भस्म आरती की मांग कर रहे हैं।

शिवभक्तों का मानना है कि महाकाल के दरबार की एक चुटकी भस्म उनकी जिंदगी बदल सकती है। उसके सभी दुखों को दूर कर सकती है। शिवपुराण में भस्म तैयार करने का खास तरीका बताया गया है। भक्तों का मानना है कि भगवान शिव को चढ़ाई गई भस्म का तिलक लगाने से अक्षय पुण्य की प्राप्ति होती है और कई जन्मों के पापों से मुक्ति मिल जाती है।

वीडियो:

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