एससी-एसटी ऐक्ट: राजस्थान में फिर भड़की हिंसा, करौली में दलित विधायक और पूर्व विधायक के फूंके घर

नई दिल्ली ( 3 अप्रैल ): एससी-एसटी ऐक्ट पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले के खिलाफ देशव्यापी भारत बंद का असर मंगलवार को भी कुछ इलाकों में देखने को मिला। सोमवार को दलितों का जो विरोध प्रदर्शन शुरू हुआ था, वो शाम होते-होते भीषण हिंसा में तब्दील हो गया। जिसका असर आज भी दिखा। राजस्थान के करौली में दो दलित नेताओं का घर जलाए जाने की खबर है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक राजस्थान के करौली में बीजेपी की दलित विधायक राजकुमारी जाटव का घर जला दिया गया।

बताया जा रहा है कि घटना के वक्त इलाके में करीब 40 हजार लोग इकट्ठा थे जिन्होंने कथित रूप से हमला बोला है। इसके अलावा करौली में ही एक पूर्व दलित मंत्री भरोसीलाल जाटव का घर फूंके जाने का मामला सामने आया है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक सोमवार को भारत बंद के दौरान प्रदर्शनकारियों ने बस में महिलाओं के साथ छेड़छाड़ की थी जिसके विरोध में उग्र भीड़ ने दलित नेताओं का घर फूंका। इसके अलावा एक शॉपिंग मॉल में भी तोड़फोड़ की गई है। 

इससे पहले सोमवार को करौली के हिंडौनसिटी में बंद के दौरान भारी उत्पात की खबर थी। बंद समर्थकों ने बाजारों में जमकर लूटपाट और मारपीट की थी। इससे पूरे शहर में दहशत और भय का माहौल व्याप्त हो गया। भीड़ ने प्रदर्शन के दौरान पुलिस पर भी पथराव किया। उपद्रवियों ने कई एटीएम मशीन में भी तोड़फोड़ कर दी थी। 

भारत बंद के दौरान राजस्थान में सोमवार को हुई हिंसा में गोली लगने से एक व्यक्ति की मौत हो गई थी। झड़प में एक पुलिसकर्मी समेत चालीस लोग घायल हुए थे। मृतक की पहचान पवन जाटव (28) के रूप में हुई थी।