भगवंत मान ने केजरीवाल को लताड़ा, कहा- हार के लिए EVM को दोष देना गलत

नई दिल्ली ( 26 अप्रैल ): एमसीडी चुनाव के नतीजे सामने आने शुरू हो गए हैं और भाजपा की बंपर जीत होती दिखाई दे रही है। कांग्रेस और आम आदमी पार्टी के बीच दूसरे और तीसरे नंबर की लडाई नजर आ रही है। इसे दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल और आप के लिए झटका माना जा रहा है। दिल्ली निकाय चुनाव में खराब प्रदर्शन के बीच आप के बड़े नेता भगवंत मान ने पार्टी के ही नेताओं पर जमकर निशाना साधा है। पार्टी के वरिष्ठ नेताओं पर निशाना साधते हुए मान ने कहा कि चुनाव से पहले लिए गए कुछ फैसलों की वजह से पंजाब चुनाव में उनको और आम आदमी पार्टी को बड़ा नुकसान पहुंचा।


बता दें कि मान ने पार्टी के लिए धुआंधार प्रचार करते हुए 400 से ज्यादा रैलियां की थीं। हालांकि, मान ने न तो दिल्ली नगर निगम में पार्टी के लिए प्रचार किया और न ही उन्होंने राजौरी गार्डन उपचुनाव से पहले पार्टी की किसी बैठक को संबोधित किया। राजौरी गार्डन में आप कैंडिडेट की जमानत जब्त हो गई थी।


एक अखबार को दिए अपने इंटरव्यू में मान ने कहा, 'ईवीएम में खामियां निकालने का फिलहाल कोई फायदा नहीं है, ऐसे में जब पार्टी आलाकमान ने चुनावों को लेकर अपनाई गई रणनीति में ऐतिहासिक गलती की है। पहले पार्टी को अपने अंदर झांकना चाहिए ताकि उन कारणों का पता चल सके जिसने आप को सत्ता में आने से रोक दिया।'


पंजाब के संगरूर से सांसद मान ने आगे कहा, 'फिलहाल मैंने पार्टी से छुट्टी ले रखी है और बच्चों से मिलने के लिए अमेरिका रवाना होने की तैयारी कर रहा हूं।' उनके अगले राजनीतिक कदम के बारे में पूछे जाने पर मान ने कहा कि वह सभी विकल्पों पर विचार कर रहे हैं और मई आखिर में लौटने के बाद अगले कदम के बारे में फैसला लेंगे।


मान ने कहा, 'मैंने अपने विचारों से अरविंद केजरीवाल को विस्तार से अवगत करा दिया है। मैंने उन्हें बताया है कि कैसे पार्टी हाईकमान उस पंजाब विधानसभा चुनाव में हुई हार के लिए जिम्मेदार है, जिसमें लोग हमारी रैलियों और कार्यक्रमों में शामिल होने के लिए झुंड बनाकर पहुंचे थे।' मान ने कहा, 'पंजाब में पार्टी ने चुनाव बिना कप्तान के नाम के ऐलान के किया। उन्होंने मोहल्ला क्रिकेट टीम की तरह बर्ताव किया, जिसमें हर प्लेयर खुद यह तय करता है कि उसे कहां फील्डिंग करनी है, किस नंबर पर बैटिंग करने के लिए उतरना है और कब बॉलिंग करनी है।'


मान ने आगे कहा, 'सभी एक ही सवाल पूछ रहे थे कि अगर पार्टी जीतती है तो मुख्यमंत्री कौन बनेगा। इस सवाल का साफ जवाब देने के बजाए पार्टी ने कुछ ऊटपटांग बयानों से कन्फ्यूजन पैदा कर दिया। चूंकि, कोई कप्तान नहीं था, इसलिए जनता के अभूतपर्व समर्थन के बावजूद पार्टी के इस खराब प्रदर्शन के लिए कोई जिम्मेदारी लेने के लिए तैयार नहीं है।'