कलाम की मूर्ति के बगल में गीता और वीणा पर मचा बवाल

नई दिल्ली (30 जुलाई): कुछ समय पहले डॉ. कलाम की दूसरी पुण्यतिथि पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कलाम मेमोरियल का इनॉग्रेशन किया था। उसमें रखी कलाम की मूर्ति में के बगल में गीता और वीणा रखने के बाद बवाल हो गया है।

MDMK और PMK पार्टियों ने कलाम की मूर्ति के पास गीता रखने पर सवाल उठाए हैं। उधर, कलाम के परिजनों ने इस मूर्ति के पास कुरान और बाइबिल भी रख दी। वे चाहते हैं कि ये विवाद यहीं खत्म हो जाए। डॉ कलाम के परिवार का कहना है कि कलाम पूरे देश की जनता के लीडर थे। कोई भी ये नहीं चाहता है कि इसपर राजनीति हो।

MDMK के स्पोक्सपर्सन ने कहा कि पार्टी फाउंडर वाइको ने पहले ही इस मूर्ति के पास गीता रखने पर सवाल उठाया है। उन्होंने कहा कि कलाम की मूर्ति के पास गीता रखने की क्या वजह है। डीएमके नेता स्टालिन ने एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा, कलाम की प्रतिमा के पास भगवद्गीता की मौजूदगी सांप्रदायिकता थोपने की एक कोशिश है। स्टालिन ने सवाल किया कि वहां तिरुक्करल (तमिल का महान ग्रन्थ) के अंश क्यों नहीं हैं? वीसीके नेता तिरुमवलन ने कहा, 'कलाम की प्रतिमा के पास भगवद्गीता को जगह देकर कहीं कलाम को हिंदू धर्म के महान प्रेमी के रूप में पेश करने की मंशा तो नहीं है? इससे मुस्लिमों का भी अपमान हुआ है, इसे तुरंत हटाया जाना चाहिए।'