बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ' के नाम पर लोगों से लाखों ठगा

नई दिल्ली ( 25 दिसंबर ): भारत सरकार की 'बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ' योजना भी फर्जीवाड़ा से नहीं बचा है। महिला एवं बाल विकास मंत्रालय 'बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ' योजना के नाम पर व्यापक स्तर पर चल रहे फर्जीवाड़े की समस्या से परेशान है। 

दरअसल, लाखों लोगों को केंद्र सरकार के कार्यक्रम 'बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ' के फर्जी ऐप्लिकेशन फॉर्म बेच दिए गए हैं। मंत्रालय को इस साल करीब 30 लाख फर्जी फॉर्म मिले हैं। धोखाधड़ी कर रहे लोगों ने गरीबों को यह वादा कर फॉर्म बेचा है कि अगर उनकी कोई बेटी है तो महज फॉर्म भरने से वे 2 लाख रुपये पाने के हकदार हो जाएंगे। जबकि इस योजना में सरकार ने ऐसे किसी प्रोत्साहन का जिक्र नहीं किया है।

मंत्रालय के मुताबिक, धोखाधड़ी करने वालों ने ऐसे फॉर्म 20 से 50 रुपये में बेचे हैं। गरीबों से कहा गया है कि अगर वे यह फॉर्म भर देंगे तो 2 लाख रुपये पाने के हकदार हो जाएंगे। उन्होंने इस फॉर्म पर अपनी निजी जानकारियां जैसे- फोटो, बैंक और आधार की डीटेल भी साझा की हैं। 

महिला एवं बाल विकास मंत्रालय ने सभी फॉर्म को बिना नोटिस दिए नष्ट करने का फैसला किया है। साथ ही लोगों के बीच जागरूकता फैलाने का निर्णय लिया गया है ताकि उन्हें बताया जा सके कि योजना के तहत किसी को भी व्यक्तिगत लाभ नहीं दिया जा रहा और न ही खाते में सीधा पैसा भेजा जा रहा है।