बेनी प्रसाद वर्मा ने दिया कांग्रेस को झटका, पार्टी छोड़ फिर सपा में हुए शामिल

लखनऊ (13 मई): कांग्रेस के दिग्गज नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री बेनी प्रसाद वर्मा समाजवादी पार्टी में शामिल हो गए हैं। बताया जा रहा है कि बेनी कांग्रेस में अपनी उपेक्षा और प्रतिद्वंदी पीएल पुनिया के पार्टी में बढ़ते प्रभाव से दुखी थे। ऐसे में सपा ने उन्हें अपनी पार्टी में शामिल कर कुर्मी समाज के वोटों को अपने पक्ष में करने की कोशिश की है।

वर्मा के सपा में शामिल होने से पहले यह कयास लगाया जा रहा था कि वे बीजेपी में जा सकते हैं लेकिन अब यह संसय खत्म हो गया है। शुक्रवार को वर्मा मुलायम सिंह यादव के साथ सपा पार्टी कार्यालय पहुंचे और सीएम अखिलेश यादव की मौजूदगी में पार्टी की औपचारिक सदस्यता हासिल की।

सपा से जुड़ने पर वर्मा ने कहा, 'पिछले दो साल से घुटन महसूस कर रहा था। मेरे लिये सोनियाजी और राहुलजी ने जो कुछ किया, उसके लिए धन्यवाद देता हूं। चुनाव आने वाले हैं और मैं अखिलेश का विरोध नहीं कर सकता, इसलिए नेताजी अगर इजाजत दें तो वापस सपा में आना चाहता हूं। इस पार्टी को बनाने वालों में मैं भी हूं।' 

वर्मा पहली बार 1974 में सोशलिस्ट पार्टी के टिकट पर यूपी में बारांबंकी के दरियाबाद से विधानसभा चुनाव लड़े थे। इसमें उन्हें जीत मिली थी। इसके बाद उन्होंने चौधरी चरण सिंह के संरक्षण में अपनी एक मजबूत पहचान बनाई। यही कारण था कि संयुक्त मोर्चा सरकार में उन्हें संचार मंत्री का कार्यभार मिला था वहीं मुलायम सिंह रक्षा मंत्री बनाए गए थे। 

हालांकि 2007 में मुलायम सिंह यादव के साथ हुए मनमोटाव के बाद सपा से अलग होकर वर्मा ने समाजवादी क्रांति दल नामक पार्टी बनाई। लेकिन विधानसभा चुनाव में उनकी पार्टी के उम्मीदवार जीत हासिल करने में असफल रहे। इस बीच अपने वजूद को बचाने के लिए उन्होंने कांग्रेस का दामन थाम लिया और 2009 के लोकसभा चुनाव से पहले पार्टी से जुड़ गए। वे कांग्रेस सरकार में गोंडा सीट से एमपी बने। इस दौरान वे पहले राज्यमंत्री और बाद में केंद्रीय मंत्री बने।