बेंगलुरु मेट्रो से हिंदी में लिखे स्टेशनों के नाम हटाए जाएंगे

बेंगलुरू (28 जुलाई): आने वाले दिनों में बेंगलुरु मेट्रो में हिंदी में लिखे स्टेशनों के नाम मिटाए जा सकते हैं। कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने कहा है कि राज्य सरकार बेंगलुरु मेट्रो से हिंदी में लिखे हुए स्टेशनों के नाम हटा देगी। उन्होंने शुक्रवार को मोदी सरकार को एक पत्र लिखकर यह जानकारी भी दी कि ऐसा कन्नड़ समर्थक समूहों की मांग को देखते हुए किया जा रहा है। जून और जुलाई में कन्नड़ समर्थक समूहों ने कई बार मेट्रो बोर्ड से हिंदी में लिखे नामों को काले रंग से पोत दिया था।

सिद्धारमैया ने केंद्रीय शहरी विकास मंत्री नरेंद्र तोमर को लिखे अपने पत्र में कहा है कि राज्य सरकार बेंगलुरु मेट्रो में केंद्र से ज्यादा धन देती है। मेट्रो की सुरक्षा और उसके संचालन की निगरानी की जिम्मेदारी भी राज्य सरकार पर है। ऐसे में उसे भी कुछ नीतियां करने का अधिकार है। उन्होंने यह भी लिखा कि उनके विचारों को ‘बाध्यकारी’ रूप में लेने के बजाय ‘समझाने-बुझाने’ के तौर पर ही लिया जाए।

केंद्र सरकार की त्रिभाषा नीति के तहत उसके संस्थानों में जगहों के नाम तीन भाषाओं में लिखे जाते हैं- स्थानीय भाषा, हिंदी और अंग्रेजी. बेंगलुरु मेट्रो में केंद्र की हिस्सेदारी होने के चलते उसके स्टेशनों के नाम कन्नड़ और अंग्रेजी के अलावा हिंदी में भी लिखे गए हैं। लेकिन कर्नाटक की भाषा नीति में कन्नड़ और अंग्रेजी का ही जिक्र है इसलिए सिद्धारमैया ने स्थानीय लोगों की भावना का ख्याल रखने की अपील की है। उन्होंने इसे व्यावहारिक उपाय भी बताया है।