पश्चिम बंगाल में लश्कर के 3 आतंकियों को फांसी की सजा

कोलकाता (22 जनवरी): पश्चिम बंगाल की बनगांव अदालत ने देशद्रोह के आरोप में लश्कर-ए-तोयबा के 3 आतंकियों को फांसी की सजा सुनाई है। इनमें से 2 आतंकी पाकिस्तानी नागरिक हैं। तीनों को IPC की धारा 121 और 121 A के तहत दोषी ठहराया गया था।


4 अप्रैल 2007 BSF ने 4 आतंकियों को पश्चिम बंगाल के बांग्लादेश से सटी सीमा पेट्रापोल से गिरफ्तार किया था। उस वक्त ये बांग्लादेश से भारत में दाखिल होने की कोशिश कर रहे थे। गिरफ्तारी के बाद उन्हें राज्य की CID के हवाले कर दिया गया था। जांच में पता चला था कि इनमें से दो आतंकी मोहम्मद युनूस और मोहम्मद अब्दुल्लाह पाकिस्तानी नागरिक हैं, जबकि अन्य दो आतंकी मुजफ्फर अहमद राठौर, कश्मीर से था और शेख समीर महाराष्ट्र का रहने वाला था।


जांच में पता चला कि मोहम्मद युनूस एक फिदायीन आतंकी है। चारों आतंकी कराची से ढाका गए थे। और वहां से वो फर्जी दस्तावेज के साथ भारत में दाखिल होने की कोशिश कर रहे थे। पूछताछ के बाद भारी मात्रा में विस्फोटक भी बरामद किया था। इनका नारको एनालिसिस टेस्ट भी किया था।  नारको टेस्ट में पता चला कि 4 को पाकिस्तान के लश्कर कैंप में प्रशिक्षित किया गया था और उनकी योजना कश्मीर में रक्षा संस्थानों पर हमला करने की थी।