जबलपुर में ड्राईवर बना 8 करोड़ का मालिक

नई दिल्ली (24 मई): काले धन के कुबेरों के साथ-साथ मोदी सरकार ने बेनामी संपत्त‍ि वालों पर शिकंजा कस दिया है। इनकम टैक्स विभाग ने बेनामी ट्रांजैक्शन कानून के तहत 23 मई 2017 तक अपनी जांच में 400 बेनामी ट्रांजैक्शन का पता लगाया, जिसमें बैंक डिपाजिट, प्लॉट, फ्लैट और ज्वैलरी शामिल है।


इसी के साथ इनकम टैक्स ने 240 मामलों में प्रॉपर्टी की प्राविजनल अटैचमेंट की है, जिसका मार्केट मैल्यू 600 करोड़ रुपये है। वहीं कोलकाता, मुंबई, दिल्ली, गुजरात, राजस्थान, मध्य प्रदेश में 40 मामलों में 530 करोड़ रुपये की प्रापर्टी जब्त की गई है।


- जबलपुर में एक ड्राईवर पाया गया जिसका पास 7.7 करोड़ की बेमानी जमीनें थी। इसका असली मालिक मध्य प्रदेश के एक स्टाक एक्सचेंज में लिस्टेड कंपनी का मालिक है।

- मुंबई में एक प्रोफेशनल के पास कई संपत्ति पाई गई जो शेल कंपनी के जरिये खरीदी गई।

- राजस्थान में एक ज्वेलर की नौ संपत्ति पाई जो उसके कर्मचारी के नाम पर थी।

- कोलकाता में शेल कंपनियों के जरिए प्रापर्टी खरीदने का मामला सामने आया है।

- सरकार ने बेमानी कानून को लागू कराने के लिये देश में 24 dedicated Benami Prohibition Units (BPUs) बनाई है। जिसकी निगरानी इनकम टैक्स विभाग के प्रिंसिपल डायरेक्टर्स कर रहे हैं।

- इनकम टैक्स विभाग ने 10 वरिष्ठ सरकारी कर्मचारियों पर भी छापेमारी की है।