भारत-बांग्लादेश में दरार डालने के लिए चीन चल रहा है यह नई चाल

बीजिंग (12 अक्टूबर): ब्रिक्स सम्मेलन से पहले चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग 14 अक्टूबर को बांग्लादेश जा रहे हैं। उनकी इस यात्रा को चीनी अखबार भारत पर दबाव बनाने के तौर पर देख रहा है तो विदेश मंत्रालय के एक्सपर्ट इसे चीन की नई चाल बता रहे हैं।

ग्लोबल टाइम्स की संपादकीय में लिखा गया है कि चीनी राष्ट्रपति के ढाका दौरे से भारत को जलना नहीं चाहिए। भारत से बांग्लादेश को छीनकर चीन अपने पाले में लाने की कोशिश नहीं कर रहा है। अगर चीन की मदद से बांग्लादेश के बुनियादी ढांचे में मजबूती आती है तो इसका फायदा भारत को खुद ब खुद मिलेगा। लेकिन चीन और बांग्लादेश के बीच सकारात्मक संबंधों के बाद भी भारत अपनी रणनीति में बदलाव करेगा।

ग्लोबल टाइम्स का कहना है कि भारत में कुछ लोगों का मानना है कि चीन उसके लिए खतरा है। लेकिन हकीकत में चीन अब वैश्विक स्तर पर अपनी बातों को रखता है। क्षेत्रीय स्तर पर देशों के साथ आपसी सहयोग किसी भी देश की अपना अधिकार होता है। चीन भी अपने अधिकारों का इस्तेमाल कर रहा है। लिहाजा चीन की कोशिशों को संदेह की नजर से नहीं देखना चाहिए। गौरतलब है कि पिछले तीस साल में किसी चीनी राष्ट्रपति द्वारा ढाका की ये पहली यात्रा होगी।