South China Sea के कुछ हिस्सों को बंद करेगा बीजिंग

नई दिल्ली(18 जुलाई): दक्षिण चीन सागर के कुछ हिस्सों को बीजिंग बंद करने जा रहा है। अपने सैन्य अभ्यास के चलते वह ऐसा करने जा रहा है। सोमवार को अधिकारियों ने यह जानकारी दी। संयुक्त राष्ट्र समर्थित न्यायाधिकरण ने हाल ही में यह फैसला दिया कि दक्षिण चीन सागर में द्वीपों पर ‘ऐतिहासिक अधिकार’ का दावा करने का चीन का कोई कानूनी आधार नहीं है। इस फैसले को चीन ने मानने से इंकार कर दिया था। चीन अपने हैनन प्रांत के हिस्से पर मंगलवार से लेकर गुरुवार तक सैन्य अभ्यास करवाएगा। चीन के मैरीटाइम एडमिनिस्ट्रेशन ने अपनी वेबसाइट के जरिए यह बात कही। साथ ही यह भी कहा कि इसमें प्रवेश प्रतिबंधित था।

यह एरिया पारसल (Paracel) आइलैंड्स से कुछ दूरी पर स्थित है, बल्कि यह स्प्रैट्लिस (Spratlys)से भी कुछ दूरी पर जाकर है। इन दोनों ही चेन पर बीजिंग और कुछ अन्य पड़ोसी देशों का दावा किया जाता रहा है।

दक्षिण चीन सागर में क्षेत्रीय दावे को लेकर चल रहे गतिरोध में चीन के खिलाफ फैसला देते हुए परमानेन्ट कोर्ट ऑफ आर्ब्रिटेशन ने ‘फैसला दिया कि ‘नाईन डैशन लाइन’ के तहत आने वाले समुद्री क्षेत्र पर ऐतिहासिक अधिकार जताने का चीन का कोई कानूनी अधिकार नहीं है।’ चीन ने कहा कि ‘वह फैसले को स्वीकार नहीं करता और इसे मान्यता नहीं देता’ और फैसले को ‘अमान्य’ करार दिया था। बीजिंग के खिलाफ यह मामला मनीला ने दायर किया था और उसने न्यायाधिकरण के इस फैसले का स्वागत किया। चीन अपने दक्षिण पूर्व एशियाई पड़ोसी देशों के दावे के विपरीत सामरिक रूप से महत्वपूर्ण लगभग सभी जल क्षेत्र पर अपना अधिकार जताता है। फिलीपीन ने 2013 में बीजिंग के खिलाफ याचिका देते हुए कहा था कि 17 वर्ष तक चर्चा के बाद सभी राजनीतिक और कूटनीतिक मार्ग बंद हो गए हैं।

चीन ने ASEAN के दक्षिण पूर्वी एशियन राष्ट्रों पर दबाव बनाया कि वह इस फैसले कोई संयुक्त स्टेटमेंट जारी न करें। यह कूदनीतिज्ञों द्वारा कहा गया। चीनी मीडिया के मुताबिक, बीजिंग ने साउथ चाइना सी में अंतरराष्ट्रीय मध्यस्थता अदालत के फैसले से कुछ दिन पहले ही सैन्य अभ्यास शुरू कर दिया है। अपनी वेबसाइट में एक अन्य जगह यह भी मैरीटाइम एडमिन ने कहा कि पिछले हफ्ते आइलैंड्स और चट्टानों पर बनाए गए पांच में से चार लाइटहाउस एक्टिवेट कर दिए गए हैं। पांचवे को भी जल्द ही प्रयोग में ले लिया जाएगा।